भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 मई 2026 के लिए मौसम का कड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत पूर्वी भारत में भीषण लू और तीव्र आंधी-तूफान का दोहरा असर देखने को मिलेगा। दक्षिण बिहार के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ रेखा के कारण बिहार और झारखंड में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जबकि छत्तीसगढ़ में भारी लू चलेगी।
पूर्वी भारत में मौसम का दोहरा रूप: कहीं भीषण आंधी-तूफान तो कहीं जानलेवा लू
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 मई 2026 को पूर्वी और मध्य भारतीय राज्यों में एक बेहद जटिल और विपरीत मौसम प्रणाली का अनुमान जताया है। दक्षिण बिहार के ऊपर सक्रिय एक शक्तिशाली चक्रवातीय परिसंचरण (cyclonic circulation) और उससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा के कारण कई क्षेत्रों में भीषण आंधी-तूफान, भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है।
दूसरी ओर, इस क्षेत्र के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप भी जारी रहेगा। इस वायुमंडलीय बदलाव के कारण कुछ जिलों को जहां आंधी और बारिश से तुरंत राहत मिलेगी, वहीं कुछ इलाकों को अभी लंबे समय तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
झारखंड और बिहार के लिए हाई-इंटेनसिटी अलर्ट जारी
झारखंड में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
भारत मंथन लाइव न्यूज की मौसम रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के लिए एक उच्च-तीव्रता (high-intensity) की चेतावनी जारी की गई है। राज्य में बार-बार बिजली चमकने और तीव्र आंधी-तूफान (thundersqualls) आने की गंभीर आशंका है।
इस मौसमी उथल-पुथल के दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो तूफान के चरम पर पहुंचने पर 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक छू सकती है।
लू की चेतावनी: तूफान के अलर्ट के बावजूद, झारखंड के उत्तरी और पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों के अलग-अलग हिस्सों में लू (heatwave) की स्थिति बनी रहेगी। इन क्षेत्रों में इस सप्ताह के अंत में ही राहत मिलने की उम्मीद है।
बिहार के 16 जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
पड़ोसी राज्य बिहार में भी आईएमडी (IMD) ने एक व्यापक अलर्ट सक्रिय किया है, जिसके दायरे में पूर्वी चंपारण, अररिया, किशनगंज और सुपौल सहित कुल 16 जिले आ रहे हैं। इन क्षेत्रों में भारी बारिश और गरज के साथ तूफान आने की संभावना जताई गई है।
इन तूफानी प्रणालियों के दौरान 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी अधिकतम गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
हालांकि, व्यापक रूप से छाए बादलों और बारिश के कारण बिहार के अधिकांश हिस्सों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी। इसके बावजूद, बिहार की अत्यधिक पश्चिमी और दक्षिणी सीमाओं पर शुष्क लू का असर बरकरार रहेगा।
मध्य भारत का अपडेट: छत्तीसगढ़ में भीषण लू की चेतावनी जारी
एक तरफ जहां पूर्वी भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है, वहीं मध्य भारत के राज्य अभी भी भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग ने 26 मई 2026 को पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सख्त ‘हीटवेव अलर्ट’ जारी किया है।
इस दौरान राज्य में आसमान मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और झुलसाने वाली गर्मी पड़ेगी। राहत की संभावना बेहद सीमित है; केवल कुछ गिने-चुने हिस्सों में ही हल्की बूंदाबांदी, धूल भरी आंधी या 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अस्थायी तेज हवाएं चल सकती हैं।
