बिहार के सिवान जिले में एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जहां मैरवा प्रखंड के अकोल्ही गांव की रहने वाली सुनीता देवी ने अपनी पहली डिलीवरी में एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। बड़हरिया-झुनापुर हाईवे पर स्थित एक निजी अस्पताल में महिला ने तीन बेटों और एक बेटी को जन्म दिया, जिससे डॉक्टर भी हैरान हैं।
सिवान में अनोखा मामला, पहली डिलीवरी में महिला ने तीन बेटों और एक बेटी को दिया जन्म
सिवान — बिहार के सिवान जिले से चिकित्सा जगत और आम लोगों को हैरत में डाल देने वाला एक दुर्लभ मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपनी पहली ही डिलीवरी में एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। नवजातों में तीन बेटे और एक बेटी शामिल हैं। जैसे ही इस अनोखे प्रसव की खबर क्षेत्र में फैली, बड़हरिया-झुनापुर हाईवे पर स्थित संबंधित निजी अस्पताल के बाहर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा होने लगी।
यह दुर्लभ मामला मैरवा प्रखंड के अकोल्ही गांव का है। यहां के निवासी मनोज यादव की पत्नी सुनीता देवी को प्रसव पीड़ा होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने इन बच्चों को जन्म दिया। बच्चों के पिता मनोज यादव ने बताया कि उनके पूरे परिवार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके घर में एक साथ चार नवजात आने वाले हैं।
एक नवजात की उपचार के दौरान मौत, मां और तीन बच्चे सुरक्षित
चिकित्सकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जन्म लेने वाले चार बच्चों में से तीन नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं। हालांकि, जन्म लेने के कुछ ही देर बाद एक नवजात शिशु की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे तुरंत एक अन्य निजी क्लीनिक में उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उस बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
एक बच्चे की असामयिक मौत के कारण परिवार की खुशियां थोड़ी अधूरी जरूर हो गईं, लेकिन राहत की बात यह है कि मां सुनीता देवी और बाकी तीनों बच्चों की हालत फिलहाल पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।
डॉक्टरों की विशेष निगरानी में हैं जच्चा-बच्चा
दुर्लभ मामलों में गिना जाता है ऐसा प्रसव
अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि एक साथ चार बच्चों का जन्म होना बेहद दुर्लभ मामलों की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में प्रसव और उसके बाद नवजातों की देखभाल काफी चुनौतीपूर्ण होती है। फिलहाल, सुरक्षा और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मां और जीवित बचे तीनों बच्चों को डॉक्टरों की विशेष चिकित्सकीय निगरानी (मेडिकल ऑब्जर्वेशन) में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन लगातार उनके स्वास्थ्य अपडेट पर नजर बनाए हुए है।
