बिहार की राजधानी पटना में TRE-4 शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने में देरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने शुक्रवार को लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में कई अभ्यर्थी घायल हो गए। प्रदर्शनकारी बीपीएससी (BPSC) पर 13 लाख उम्मीदवारों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए जल्द बहाली की मांग कर रहे थे।
पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई से तनाव
पटना: बिहार में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सड़कों पर संग्राम छिड़ गया है। TRE-4 (शिक्षक नियुक्ति परीक्षा-4) के विज्ञापन में हो रही देरी से नाराज हजारों अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को पटना में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र चोटिल हुए हैं।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) विज्ञापन जारी करने में टालमटोल कर रहा है, जिससे लगभग 13 लाख उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। छात्रों ने आयोग पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और गुमराह करने का आरोप लगाया है।
रिक्तियों का विवरण और परीक्षा की संभावित तिथि
बिहार में टीआरई-4 के तहत कुल 46,882 पदों पर बहाली होनी है। रिक्तियों का आधिकारिक विवरण इस प्रकार है:
- उच्च माध्यमिक: 16,774 पद
- प्राथमिक विद्यालय: 10,778 पद
- माध्यमिक विद्यालय: 9,082 पद
- मध्य विद्यालय: 8,583 पद
विभाग द्वारा इन पदों के लिए 22 से 27 सितंबर तक परीक्षा आयोजित किए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, विज्ञापन जारी न होने के कारण अभ्यर्थियों में भारी असंतोष है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिया आश्वासन
बिहार में कैबिनेट विस्तार के बाद नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पदभार ग्रहण करते ही इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से शांति की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि किसी भी बहाली की प्रक्रिया को रुकने नहीं दिया जाएगा।
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, शिक्षा मंत्री ने कहा, “मैं संवाद के जरिए विवाद सुलझाने में विश्वास रखता हूं। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल को मुझसे मिलना चाहिए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बहाली को लेकर गंभीर है और अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।
