रांची-बीजूपाड़ा-खलारी-टंडवा मुख्य मार्ग पर डकरा कांटा घर के पास मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। रांची से टंडवा की ओर जा रही जय मां सिंहवाहिनी यात्री बस से एक तेज रफ्तार कोयला लदा 12 चक्का ट्रक टकराते हुए गुजरा, जिससे बस में सवार सभी यात्री बाल-बाल बच गए।
डकरा कांटा घर के समीप बड़ा हादसा होते-होते टला
रांची-बीजूपाड़ा-खलारी-टंडवा मुख्य मार्ग पर मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। खलारी के डकरा कांटा घर के समीप यात्रियों को उतार रही एक यात्री बस के बेहद करीब से गुजरते हुए कोयला लदे 12 चक्का ट्रक ने बस को रगड़ दिया।
गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित बच गए। हालांकि, अचानक हुई इस भिड़ंत के बाद कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
यात्रियों को उतारने के दौरान तेज रफ्तार ट्रक से हुई टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे की है। जय मां सिंहवाहिनी नामक यात्री बस रांची से टंडवा की ओर जा रही थी। डकरा कांटा घर के पास बस यात्रियों को उतारने के लिए सड़क किनारे रुकी हुई थी।
इसी दौरान सामने की दिशा से आ रहा एक तेज रफ्तार कोयला लदा 12 चक्का ट्रक बस के काफी नजदीक से गुजरा और उसके किनारे को रगड़ते हुए आगे निकल गया। घटना के समय बस में कई यात्री सवार थे, जिससे अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई।
ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, बस चालक की सतर्कता और संयोगवश किसी बड़े टकराव से बचाव हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ट्रक चालक से थोड़ी भी अधिक चूक हो जाती, तो एक गंभीर सड़क दुर्घटना घटित हो सकती थी। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रांची-टंडवा मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क के दोनों ओर कोयला परिवहन में लगे ट्रकों की लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई प्रभावी रूप से कम हो जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
अलग ट्रांसपोर्ट रोड और पार्किंग व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभागों और प्रबंधन को अलग ट्रांसपोर्ट रोड, व्यवस्थित पार्किंग और सुरक्षा उपायों की मांग से अवगत कराया गया है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन तथा संबंधित प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग, सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर रोक और प्रभावी यातायात नियंत्रण की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
