नई दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान प्रारूप मतदाता सूची से लगभग 47.5 लाख नाम हटाए जाने के बाद 16 सितंबर तक केवल 68,043 लोगों ने नाम जोड़ने के दावे प्रस्तुत किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि प्रभावित नागरिकों के पास नाम पुनः दर्ज कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय है।
दिल्ली मतदाता सूची पुनरीक्षण: धीमी गति से आ रहे दावे
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद मतदाता सूची से बाहर हुए लाखों नागरिकों के दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया जारी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त से 16 सितंबर के बीच केवल 68,043 व्यक्तियों ने नाम गलत तरीके से हटाए जाने के संबंध में आवेदन जमा किए हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, वे 30 सितंबर तक ‘फार्म 6’ भरकर पुनः नामांकन करा सकते हैं।
आंकड़ों में दिल्ली चुनाव आयोग की स्थिति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक कुल 2,12,400 ‘फार्म 6’ आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद के 16 दिनों (1 सितंबर से 16 सितंबर) में केवल 68,043 नए आवेदन दर्ज किए गए।
- 31 अगस्त तक प्राप्त कुल आवेदन: 2,12,400
- 1 सितंबर से 16 सितंबर तक नए आवेदन: 68,043
- आवेदन की अंतिम तिथि: 30 सितंबर
चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारूप सूची से करीब 47.5 लाख मतदाताओं के नाम हटने के बावजूद पहले पखवाड़े में केवल 68,000 आवेदन आना यह दर्शाता है कि एक बड़ा वर्ग अब भी अपनी मतदाता स्थिति के प्रति उदासीन है।
43 लाख से अधिक मतदाता ASDD श्रेणी में
रिपोर्ट के अनुसार, 43 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट और मृत (ASDD) श्रेणी या अन्य विसंगतियों के कारण प्रभावित हुए हैं।
विभिन्न जिलों से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली जैसे क्षेत्रों में आवेदन प्रक्रिया में कुछ तेजी आई है, जबकि कई अन्य इलाकों में नागरिक भागीदारी अब भी कम है। भारत मंथन लाइव न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने साफ किया है कि दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद ही अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
