मोगा (पंजाब): भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के पिता हरमंदर सिंह भुल्लर ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने परिजनों संग जश्न मनाते हुए कहा कि यदि बेटियों को अवसर दिए जाएं, तो वे देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
एशियन गेम्स में भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत
मोगा (पंजाब): एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 147 रनों से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 216 रन बनाए, जिसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 69 रनों पर ढेर हो गई।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में मिली इस शानदार जीत के बाद पंजाब के मोगा जिले में स्थित उनके गांव दिनेके में जश्न का माहौल है।
प्लास्टिक के बल्ले से एशियाई चैंपियन बनने तक का सफर
हरमनप्रीत कौर के पिता हरमंदर सिंह भुल्लर ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी बेटी के शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि जब मैदान पर बहुत कम लड़कियां खेलने आती थीं, तब भी वे हरमनप्रीत को प्लास्टिक का बल्ला लेकर मैदान में ले जाते थे और लड़कों के साथ अभ्यास कराते थे।
हरमंदर सिंह ने कहा कि जो खेल अवसर वे अपने बचपन में हासिल नहीं कर सके, वे हरमनप्रीत को जरूर देना चाहते थे।
टीम भावना और देश का गौरव
अपनी बेटी और पूरी टीम के प्रदर्शन पर गर्व जताते हुए उन्होंने कहा:
“हमें इस बात की बेहद खुशी है कि हमारी बेटी भारतीय टीम की कप्तानी कर रही है। पूरी टीम ने एकजुटता के साथ खेलकर देश का नाम रोशन किया है। इस जीत का श्रेय पूरी टीम को जाता है।”
समाज के लिए महत्वपूर्ण संदेश
मोगा जिला अदालत में क्लर्क के पद पर कार्यरत हरमंदर सिंह भुल्लर ने देश के परिवारों को एक विशेष संदेश दिया। उन्होंने अपील की कि बेटियों को उनकी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने से न रोका जाए।
उन्होंने कहा, “यदि बेटी खेलकूद में जाना चाहती है, तो उसे मौका दें। अगर वह पढ़ाई करना चाहती है, तो उसे अवसर प्रदान करें। बेटियां जज और अफसर भी बन सकती हैं और खेल के जरिए देश का नाम भी ऊंचा कर सकती हैं।”
पारिवारिक परिस्थितियों के कारण हरमनप्रीत का परिवार जापान जाकर मैच नहीं देख सका, लेकिन उन्होंने घर पर ही बैठकर इस ऐतिहासिक क्षण का आनंद लिया।
