जम्मू-कश्मीर में बिजली के टैरिफ में 7 फीसदी बढ़ोतरी के बाद, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 90 फीसदी घरेलू उपभोक्ताओं से पीक आवर्स के दौरान 20 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली शुल्क नहीं वसूला जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि अधिकांश उपभोक्ताओं की ऊर्जा खपत 10 किलोवाट से कम है।
जम्मू-कश्मीर में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
हाल ही में बिजली के टैरिफ में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद, जम्मू-कश्मीर में ऊर्जा की खपत पर 20 प्रतिशत का अतिरिक्त सरचार्ज नहीं लगाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इस अतिरिक्त टैरिफ के दायरे से बाहर आते हैं, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ और उसकी सीमाएं
संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (JERC) ने कृषि क्षेत्र को छोड़कर सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ लागू किया है। यह नियम 10 किलोवाट से अधिक स्वीकृत उपयोग वाले उपभोक्ताओं पर लागू होता है, जो ‘संगत मीटरिंग और बिलिंग बुनियादी ढांचे की उपलब्धता’ के अधीन 1 सितंबर से प्रभावी हुआ है। हालांकि, पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में 10 प्रतिशत से भी कम आबादी ऐसी है जिनकी ऊर्जा खपत 10 किलोवाट से अधिक है।
बुनियादी ढांचे की कमी और स्मार्ट मीटरिंग
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा बिजली (उपभोक्ता अधिकार) नियम, 2020 में संशोधन के माध्यम से ‘टाइम ऑफ डे’ प्रणाली शुरू की गई थी। इसके तहत पीक डिमांड के समय मौजूदा ऊर्जा शुल्कों के अलावा 20 प्रतिशत अधिक शुल्क और दिन के समय छूट का प्रावधान है। हालांकि, पर्याप्त बुनियादी ढांचे और यूनिवर्सल स्मार्ट मीटरिंग की कमी के कारण पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं से भी फिलहाल यह 20 प्रतिशत सरचार्ज नहीं लिया जा रहा है।
