झारखंड के जमशेदपुर में बहरागोड़ा के स्वर्णरेखा नदी तट पर 227 किलो का संदिग्ध बम मिलने के बाद भारतीय सेना ने इसे निष्क्रिय करने का काम संभाल लिया है। 25 मार्च 2026 को बम निष्क्रिय ऑपरेशन के दौरान घटना स्थल के आसपास एक किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र सील किया गया है।
जमशेदपुर स्वर्णरेखा नदी बम निष्क्रिय ऑपरेशन
झारखंड के जमशेदपुर के बहरागोड़ा इलाके में स्वर्णरेखा नदी के किनारे 227 किलो का संदिग्ध बम मिलने के बाद सुरक्षा बल सक्रिय हो गए हैं। बम को निष्क्रिय करने का काम भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम कर रही है।
भारतीय सेना की टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह कर रहे हैं। टीम ने बम की स्थिति और आसपास के भूगोल का बारीकी से निरीक्षण किया।
बम निष्क्रिय करने की प्रक्रिया
भारी बम की सुरक्षा के लिए बालू से भरी बोरियों की ऊंची दीवार बनाई गई है। इसके भीतर विशेष गड्ढा तैयार किया गया है, ताकि विस्फोट का दबाव जमीन में ही अवशोषित हो सके। बम निष्क्रिय करने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जा रही है।
घटनास्थल पर सुरक्षा इंतजाम
सेना और प्रशासन ने बम निष्क्रिय ऑपरेशन के दौरान एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया है। यह क्षेत्र किसी भी नागरिक के प्रवेश के लिए प्रतिबंधित रखा गया है।
ऑपरेशन की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने उच्च स्तर के इंतजाम किए हैं।
ऑपरेशन की वर्तमान स्थिति
भारतीय सेना की टीम लगातार बम निष्क्रिय करने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल ऑपरेशन को सुरक्षित और सुचारू तरीके से पूरा करने में सहयोग कर रहे हैं।
