रांची में झारखंड की दो सीटों पर संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने 18 जून 2026 को चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी नेतृत्व, सहयोगी दलों के विधायकों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और लोकतांत्रिक फैसले का सम्मान करते हुए विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी।
झारखंड राज्यसभा चुनाव नतीजों के बाद प्रणव झा ने स्वीकार किया जनादेश
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मतों की गिनती पूरी हो चुकी है। चुनाव परिणामों में हार का सामना करने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान करते हुए विजयी प्रत्याशियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
राज्यसभा चुनाव के आए नतीजों के अनुसार, दो सीटों में से एक सीट पर बैद्यनाथ राम ने जीत हासिल की है। वहीं, दूसरी सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी विजयी घोषित किए गए हैं। इस चुनावी मुकाबले में कांग्रेस के प्रणव झा को कुल 19 मत प्राप्त हुए, जबकि विजयी उम्मीदवार परिमल नथवानी के पक्ष में 28 वैध वोट पड़े।
प्रणव झा ने शीर्ष नेतृत्व और विधायकों का जताया आभार
परिणाम स्पष्ट होने के बाद भारत मंथन लाइव न्यूज़ से बातचीत में प्रणव झा ने कांग्रेस के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उनके जैसे एक जमीनी कार्यकर्ता पर भरोसा जताकर राज्यसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाया, जो उनके लिए बेहद सम्मान की बात है।
झा ने चुनाव के दौरान एकजुटता दिखाने के लिए कांग्रेस और गठबंधन सहयोगी दलों के सभी विधायकों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत का निर्धारण जनप्रतिनिधियों के मतों से ही तय होता है, जिसका वह पूरी गरिमा के साथ सम्मान करते हैं।
विजयी उम्मीदवारों बैद्यनाथ राम और परिमल नथवानी को दी बधाई
कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव जीतने वाले दोनों नवनिर्वाचित सांसदों को बधाई दी है। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) समर्थित उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत को गठबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैद्यनाथ राम देश की संसद में झारखंड के स्थानीय मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे।
इसके साथ ही प्रणव झा ने निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी को अधिक समर्थन मिलने की बात स्वीकार करते हुए उन्हें जीत की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नवनिर्वाचित सांसद झारखंड के विकास, जनता की आकांक्षाओं और राज्य के हितों को अपनी प्राथमिकता में शामिल रखेंगे। हार के बाद भी झा ने भविष्य में संगठन के लिए निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
