आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड में सियासी हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने विधानसभा में 56 विधायकों के समर्थन के साथ गठबंधन के दो उम्मीदवारों की जीत तय बताई है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और आर्थिक प्रलोभन देने की कोशिश का आरोप लगाया है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
रांची: झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने एक बड़ा बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि झारखंड विधानसभा में संख्या बल पूरी तरह साफ होने के बाद भी विपक्षी दल द्वारा उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जा रही है, जिससे राज्य के राजनीतिक हलकों में तनाव बढ़ गया है।
पार्टी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, षष्ठम् झारखंड विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 4 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के 2 विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इस प्रकार विधानसभा में गठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का स्पष्ट समर्थन मौजूद है।
संख्या बल के आधार पर गठबंधन की दो सीटों पर जीत तय
जेएमएम के मुताबिक, झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं और राज्य से कुल 6 राज्यसभा सदस्य चुने जाते हैं, जिनमें से प्रत्येक दो वर्ष में एक-तिहाई सीटों पर चुनाव प्रक्रिया पूरी होती है। राज्यसभा चुनाव के नियमों के तहत जीत दर्ज करने के लिए उम्मीदवार को न्यूनतम 28 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होती है।
“विधानसभा में 56 विधायकों के मजबूत समर्थन के कारण गठबंधन के दो उम्मीदवारों की जीत पूरी तरह सुनिश्चित मानी जा रही है।”
इस स्पष्ट गणित के बावजूद, विपक्षी खेमे में हलचल तेज है जिसे लेकर सत्तापक्ष ने चिंता व्यक्त की है।
भाजपा पर लगे आरोप; केंद्रीय जांच एजेंसियों से निगरानी की मांग
भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारने की घोषणा के बाद से ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जेएमएम ने निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा में भाजपा के पास केवल 21 विधायक हैं, इसके बाद भी उनके द्वारा उम्मीदवार उतारने की बात कहना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने आशंका जताई है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए विधायकों पर आर्थिक प्रलोभन, बाहरी दबाव या भयादोहन की कोशिशें की जा सकती हैं।
निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में मतदान सुनिश्चित कराने के लिए जेएमएम ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को पूरी तरह सतर्क रहने तथा चुनाव पर कड़ी निगरानी रखने की अपील की है।
