कानपुर नगर निगम सदन हंगामा मामला पुलिस तक पहुंचा
कानपुर नगर निगम सदन में हुए हंगामे का विवाद अब पुलिस आयुक्त कार्यालय तक पहुंच गया है। भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित के नेतृत्व में 10-12 पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचा।
अवकाश होने के कारण प्रतिनिधिमंडल की पुलिस आयुक्त से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद पार्षदों ने कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपा।
26 सितंबर की सदन बैठक का दिया हवाला
शिकायती पत्र में 26 सितंबर को हुई सदन की बैठक का उल्लेख किया गया है। भाजपा पार्षद दल के अनुसार, कार्यवाही के दौरान पार्षद लक्ष्मी कोरी महापौर के सामने आकर हंगामा करने लगीं।
इसी दौरान पार्षद आलोक पाण्डेय भी वहां पहुंचे और आत्महत्या की धमकी देते हुए नारेबाजी करने लगे। सदन में मौजूद पार्षदों के समझाने के बाद आलोक पाण्डेय बाहर चले गए, जबकि लक्ष्मी कोरी अपनी सीट पर बैठ गईं।
पांच पार्षदों पर लगाए आरोप को बताया निराधार
भाजपा पार्षद दल का कहना है कि पांच पार्षदों पर लगाए गए आरोप निराधार और मनगढ़ंत हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आत्महत्या की धमकी देना गैरकानूनी है और हंगामा करने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पार्षदों ने पुलिस प्रशासन से संबंधित शिकायत को निरस्त करने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में ये पार्षद रहे शामिल
पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में योगेन्द्र शर्मा, विवेक शर्मा, गोविन्द शुक्ला, सौरभ देव, मनीष मिश्रा, वन्दना शर्मा, नीरज सक्सेना, नीरज बाजपेई, अभिनव शुक्ला, विद्या वर्मा, भानू पाल, नीरज गुप्ता और आकर्ष बाजपेई शामिल रहे।
