महासमुंद में ‘कन्या पूजन से कन्या संरक्षण तक’ कार्यक्रम आयोजित
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से महासमुंद में ‘कन्या पूजन से कन्या संरक्षण तक’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 350 किशोरी बालिकाओं और माताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के साथ उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
101 कन्याओं के पूजन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत 101 कन्याओं के पूजन और कन्या भोज के साथ हुई। इसके बाद जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बालिकाओं और माताओं को शारीरिक स्वास्थ्य, कैंसर से बचाव, किशोरावस्था में होने वाले बदलाव, मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।
बालिकाओं के अधिकारों और सुरक्षा पर जोर
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य कन्या पूजन की परंपरा को बालिकाओं के संरक्षण और उनके अधिकारों के प्रति जिम्मेदारी के संकल्प से जोड़ना है।
उन्होंने संदेश दिया कि बेटियों का सम्मान केवल किसी पर्व या विशेष अवसर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए पूरे वर्ष प्रयास किए जाने चाहिए।
आयोग का लक्ष्य हर बेटी को स्वस्थ और सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने के साथ उसके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
