र्वी चंपारण के घोड़ासहन थाना क्षेत्र के जगीरहा गांव में 12 वर्ष पहले हुए एसिड अटैक मामले में मोतिहारी व्यवहार न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सत्र न्यायाधीश राजेश रंजन ने 20 कट्ठा पैतृक जमीन के विवाद में अपनी भावज और भतीजी पर तेजाब फेंकने के दोषी विजय यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मोतिहारी व्यवहार न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला, एसिड अटैक के दोषी को आजीवन कारावास
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन थाना क्षेत्र अंतर्गत जगीरहा गांव में 12 वर्ष पूर्व हुए एक सनसनीखेज एसिड अटैक (तेजाब हमले) के मामले में मोतिहारी व्यवहार न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी विजय यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा से दंडित किया है।
करीब 12 वर्षों तक चली लंबी कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है। इस मामले की विस्तृत कानूनी रिपोर्ट आप भारत मंथन लाइव न्यूज़ (Bharat Manthan Live News) पर पढ़ रहे हैं।
20 कट्ठा पैतृक जमीन के बंटवारे के विवाद में किया था तेजाब से हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद वर्ष 2014 में 20 कट्ठा पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ था। दो सगे भाइयों के बीच इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप के मुताबिक, बड़ा भाई विजय यादव अपने छोटे भाई अभय यादव के हिस्से की जमीन पर जबरन अवैध कब्जा करना चाहता था।
जब छोटे भाई अभय यादव ने अपने हिस्से की जमीन देने से साफ इनकार कर दिया, तब विजय यादव ने प्रतिशोध में आकर रात के अंधेरे में अभय यादव की पत्नी (अपनी भावज) और भतीजी पर एसिड फेंक दिया। इस क्रूर हमले में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई थीं।
सत्र न्यायाधीश राजेश रंजन की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा
इस चर्चित मामले की निरंतर सुनवाई मोतिहारी व्यवहार न्यायालय में चल रही थी। सत्र न्यायाधीश राजेश रंजन की अदालत ने मामले से जुड़े सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्टों और गवाहों के बयानों को गंभीरता से परखने के बाद आरोपी विजय यादव को पूर्ण रूप से दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मणि भूषण सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने अदालत के इस निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह फैसला एसिड अटैक पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। एक लंबे और थका देने वाले कानूनी संघर्ष के बाद आखिरकार अदालत ने दोषी को उसके अमानवीय अपराध की उचित सजा दी है।
पीड़ित परिवार ने जताया न्यायपालिका पर अटूट भरोसा
अदालत के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पीड़ित अभय यादव ने बताया कि उनके बड़े भाई विजय यादव ने उनकी पैतृक जमीन हड़पने के लिए उन पर हर संभव प्रशासनिक और पारिवारिक दबाव बनाया था। जब वे इस अनुचित दबाव के आगे नहीं झुके, तो उनकी पत्नी और मासूम भतीजी पर तेजाब से जानलेवा हमला कर दिया गया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि 12 वर्षों की एक लंबी और कठिन कानूनी लड़ाई के बाद आज जो फैसला आया है, उससे उनका न्यायपालिका पर भरोसा और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
