रांची: पेसा नियमावली 2025 के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला, मंत्री के निर्देश

रांची में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने पेसा झारखंड नियमावली 2025 के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला की अध्यक्षता की।

रांची में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह की अध्यक्षता में पेसा झारखंड नियमावली 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में विभागीय समन्वय और जमीनी कार्ययोजना पर मंथन किया गया ताकि इस कानून को जल्द से जल्द गांव-गांव तक पहुंचाकर महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत किया जा सके।

रांची में पेसा झारखंड नियमावली 2025 को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

रांची: पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) यानी पेसा झारखंड नियमावली 2025 को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए आज राजधानी रांची में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की अध्यक्षता राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पेसा नियमावली को लेकर विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक ठोस जमीनी कार्ययोजना तैयार करना था।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारी

इस राज्य स्तरीय कार्यशाला के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सहित झारखंड के सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से सीधे जुड़े। बैठक में नियमावली के प्रभावी संचालन और विभागीय समन्वय को लेकर विस्तृत मंथन हुआ। मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर झारखंड में एक बेहतर और मजबूत पेसा कानून लाया गया है, जो आदिवासी और ग्रामीण समुदाय के अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा करेगी। उन्होंने अधिकारियों को इसे जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का कड़ा निर्देश दिया।

जल, जंगल, जमीन से जुड़े फैसले अब ग्राम सभा के स्तर पर होंगे

कार्यशाला में मंत्री ने रेखांकित किया कि पेसा नियमावली 2025 के लागू होने से पारंपरिक ग्राम सभाओं को व्यापक अधिकार प्राप्त होंगे। अब जल, जंगल और जमीन से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण फैसले गांव के स्तर पर ही लिए जाएंगे, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में स्थानीय समुदाय की सीधी भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि पेसा कानून लागू होने से विपक्ष को भी करारा जवाब मिलेगा।

जिलों में जागरूकता अभियान चलाने और नियमित बैठकें करने के निर्देश

ग्रामीण विकास मंत्री ने कार्यशाला के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि हर जिले में पेसा कानून को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण अपने अधिकारों के प्रति सजग हो सकें। इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिया कि ग्राम सभा की बैठकें पूरी तरह से नियमित रूप से आयोजित की जाएं और क्षेत्र की सरकारी विकास योजनाओं के निर्माण में ग्रामीणों की राय को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कार्य में तेजी लाने के लिए विभागीय समन्वय को सबसे महत्वपूर्ण बताया।

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