प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में जकार्ता, इंडोनेशिया पहुंचे, जहां मंगलवार को राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए उनका भव्य औपचारिक स्वागत किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक साझेदारी और ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को और मजबूत करना है।
जकार्ता के राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी का भव्य औपचारिक स्वागत
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों की अपनी महत्वपूर्ण विदेश यात्रा के पहले चरण के तहत सोमवार को इंडोनेशिया पहुंचे। मंगलवार को जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ उनकी निर्धारित द्विपक्षीय वार्ता से पहले प्रधानमंत्री का भव्य औपचारिक स्वागत किया गया। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस कूटनीतिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, ‘महासागर विजन’ और एक स्वतंत्र, खुले तथा समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति देश की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करना है।
राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्देका में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात
जकार्ता स्थित राष्ट्रपति भवन ‘इस्ताना मर्देका’ में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से विशेष मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने औपचारिक रूप से अतिथि पुस्तिका पर अपने हस्ताक्षर भी किए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार प्रकट करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”इस्ताना मर्देका में गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपका धन्यवाद!”
दोनों देशों के बीच लगातार प्रगाढ़ हो रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को इस यात्रा से एक नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नई दिल्ली से इंडोनेशिया प्रस्थान करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जानकारी दी थी कि भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों के ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा है।
‘महासागर’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मिलेगी कूटनीतिक मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह यात्रा राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत की राजकीय यात्रा के बाद आयोजित हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की उनकी यह वर्तमान त्रिकोणीय यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ दृष्टिकोण के साथ-साथ मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत के प्रति भारतीय नजरिये को नया आयाम प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि ‘महासागर’ (सभी क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए पारस्परिक एवं समग्र विकास) भारत सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक और कूटनीतिक पहल है। इस दूरदर्शी पहल का मुख्य उद्देश्य पूरे क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता, आपसी सहयोग और साझा आर्थिक विकास को निरंतर बढ़ावा देना है।
