प्रशांत किशोर का बीजेपी पर हमला, जन सुराज देगा चुनौती

मोतिहारी में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा के गढ़ बेकापुर में चुनौती देने की घोषणा की।

बिहार के मोतिहारी पहुंचे जन सुराज अभियान के प्रणेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली बेकापुर विधानसभा सीट पर जन सुराज उसे हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएगा और जरूरत पड़ने पर किसी भी हद तक जाएगा।

मोतिहारी में प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, बेकापुर सीट पर भाजपा को घेरने की रणनीति

मोतिहारी: जन सुराज अभियान के प्रणेता प्रशांत किशोर ने मोतिहारी पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी पर सीधा और तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेकापुर विधानसभा सीट को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है, लेकिन आगामी समय में जन सुराज वहां भाजपा को पराजित करने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगा।

प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो उनकी टीम भाजपा को चुनावी मैदान में शिकस्त देने के लिए हर संभव रणनीति और कदम अपनाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस बार जन सुराज पूरी तैयारी के साथ चुनावी समर में उतरने जा रहा है।

पिछले चुनाव में पैसे के बल पर वोटरों को प्रभावित करने का आरोप

अपने संबोधन के दौरान प्रशांत किशोर ने पूर्व के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में जन सुराज को पटखनी देने के लिए बड़े पैमाने पर धनबल और पैसे का दुरुपयोग किया गया था।

“उन्होंने दावा किया कि वोटरों को दस-दस हजार रुपये तक देकर चुनाव के परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी।”

जब मीडिया कर्मियों ने उनसे सवाल किया कि क्या वे खुद बेकापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, तो प्रशांत किशोर ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने केवल इतना दोहराया कि उनका मुख्य उद्देश्य भाजपा को चुनावी मैदान में हराना है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना और रंगों की राजनीति पर पलटवार

मोतिहारी के इस कार्यक्रम में प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि सिर्फ रंग बदल लेने से किसी भी व्यवस्था की वास्तविकता नहीं बदल जाती। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार को ‘जंगलराज’ कहा जाता था, तब आज के बड़े नेता कहां थे और उस दौर में उनकी क्या भूमिका थी।

हरे रंग को लेकर राज्य में चल रही सियासी बयानबाजी पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति को रंगों की बहस से बाहर निकलना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे पहले बिहार में पलायन का रंग बदलना चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में सुधार को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने अंत में कहा कि जनता अब विकास, सुरक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाब चाहती है।

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