राजस्थान निकाय चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी से कड़े मुकाबले के बाद कांग्रेस 2028 विधानसभा चुनावों को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रही है। सोमवार को घोषित नतीजों में कांग्रेस का वोट शेयर बढ़कर 34.2 प्रतिशत पहुंच गया, जो भाजपा के 35.1 प्रतिशत वोट शेयर से मात्र एक प्रतिशत कम है।
निकाय चुनाव नतीजों से राजस्थान कांग्रेस में उत्साह, वोट शेयर में देखा सुधार
जयपुर। राजस्थान में हाल ही में संपन्न हुए शहरी निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में नई हलचल पैदा कर दी है। हालांकि कुल वार्डों की संख्या में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी आगे रही, लेकिन कांग्रेस के वोट शेयर में हुई बढ़त ने पार्टी कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेतृत्व का हौसला बढ़ा दिया है।
पिछली बार के निकाय चुनावों की तुलना में कांग्रेस का वोट शेयर 31.5 प्रतिशत से बढ़कर 34.2 प्रतिशत हो गया है। दूसरी ओर, भाजपा का वोट शेयर 39.6 प्रतिशत से घटकर 35.1 प्रतिशत पर आ गया। दोनों प्रमुख दलों के बीच अब महज 1 प्रतिशत वोट शेयर का अंतर रह गया है।
कई प्रमुख क्षेत्रों में कांग्रेस का मजबूत प्रदर्शन
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राजस्थान सह-प्रभारी रित्विक मकवाना के अनुसार, पार्टी ने कई प्रमुख क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया है:
- बीकानेर: कुल 80 सीटों में से कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि भाजपा को 27 और निर्दलीयों को 10 सीटें मिलीं।
- अजमेर: कांग्रेस ने 36 वर्षों बाद वापसी करते हुए 80 में से 37 वार्डों पर कब्जा जमाया। यहां भाजपा को 32 और निर्दलीयों को 11 वार्डों में सफलता मिली।
- पाली: कुल 65 सीटों में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतीं, वहीं भाजपा को 21 और निर्दलीयों को 15 सीटें प्राप्त हुईं।
- जोधपुर: कुल 100 वार्डों में कांग्रेस और भाजपा दोनों को 44-44 सीटें मिलीं, जबकि निर्दलीयों के खाते में 10 सीटें गईं।
- भरतपुर: मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के गृह जिले के 65 वार्डों में निर्दलीयों ने 36 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा को 20 और कांग्रेस को 7 सीटें मिलीं।
आरक्षित वार्डों में कांग्रेस की बढ़त
अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित वार्डों में कांग्रेस ने 542 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा केवल 350 वार्ड ही जीत सकी। SC महिला वार्डों में भी कांग्रेस 261 सीटों के साथ आगे रही, जहां भाजपा को 186 सीटें मिलीं। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) महिला वार्डों में कांग्रेस ने 53 और भाजपा ने 39 सीटें हासिल कीं।
AICC सचिव व राजस्थान सह-प्रभारी चिरंजीव राव ने कहा कि परिसीमन और पुरानी मतदाता सूची के प्रयोग के बावजूद यह परिणाम जनता के विश्वास को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन 2028 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने की क्षमता का संकेत देता है।
