रांची में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत कैंब्रिज पॉलिटेक्निक ने चलाया जागरूकता कार्यक्रम

रांची के बहाया गांव में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ लेते कैंब्रिज पॉलिटेक्निक के शिक्षक और ग्रामीण।

रांची के बहाया में शुक्रवार को कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटेक्निक के शिक्षकों और कर्मियों ने भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान बहाया गांव के युवाओं और ग्रामीणों को सामाजिक जिम्मेदारी के तहत नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।

कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटेक्निक द्वारा बहाया गांव में ग्रामीणों को दिलाई गई शपथ

रांची के बहाया स्थित कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटेक्निक के शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा पास के ही बहाया गांव में शुक्रवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत संचालित किया गया। भारत मंथन लाइव न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को नशे के सामाजिक व शारीरिक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना था।

अभियान के दौरान संस्थान के कर्मियों ने गांव के लोगों और युवाओं को एकत्रित कर किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने की सामूहिक शपथ दिलाई। इसके साथ ही उपस्थित लोगों से देशव्यापी ‘ड्रग फ्री इंडिया’ (नशा मुक्त भारत) अभियान को पूरी तरह सफल बनाने और इसमें सक्रिय सहयोग देने पर विशेष जोर दिया गया।

युवा देश का भविष्य, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वास्थ्य पर नोडल ऑफिसर के विचार

जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटेक्निक के प्राचार्य डॉ. एन.के. यादव ने कहा कि युवा हमारे देश का भविष्य हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवा पीढ़ी को नशे की लत से दूर रखना हम सभी की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। संस्थान के प्राचार्य ने ग्रामीणों से अपने आसपास के माहौल को नशामुक्त बनाए रखने की अपील की।

वहीं, कार्यक्रम के नोडल ऑफिसर प्रोफेसर जयदेव कुंभकार ने उपस्थित ग्रामीणों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों और इसके कारण शरीर में होने वाली विभिन्न जानलेवा बीमारियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को सचेत करते हुए कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से बर्बाद नहीं करता, बल्कि उसके पूरे परिवार को आर्थिक और सामाजिक तौर पर तबाह कर देता है।

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