रांची में पेयजल विभाग घोटाले के आरोपी ने ED अफसरों पर दर्ज कराया केस

रांची में पेयजल विभाग के 23 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी ने ED अफसरों पर मारपीट का केस दर्ज कराया।

रांची के पेयजल विभाग में कथित 23 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी संतोष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर मारपीट और धमकी का मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद रांची पुलिस ने एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

पेयजल विभाग घोटाले के आरोपी ने ED अधिकारियों पर लगाया मारपीट का आरोप

रांची: झारखंड के पेयजल विभाग से जुड़े कथित 23 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपी संतोष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दो अधिकारियों पर मारपीट करने, धमकी देने और अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने का गंभीर आरोप लगाया है। इस शिकायत के आधार पर रांची के एयरपोर्ट थाना में कांड संख्या 05/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दर्ज एफआईआर में ईडी के सहायक निदेशक प्रतीक कुमार और एक अन्य अधिकारी शुभम को नामजद आरोपी बनाया गया है। संतोष कुमार का आरोप है कि 12 जनवरी को उन्हें पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय बुलाया गया था, जहां उन पर आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई। शिकायत के अनुसार, घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और बाद में साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया गया।

रांची पुलिस ने कब्जे में ली ED कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज

मामला दर्ज होने के बाद गुरुवार सुबह रांची पुलिस की एक विशेष टीम जांच के लिए ईडी कार्यालय पहुंची। सदर डीएसपी और एयरपोर्ट थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने ईडी कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही पुलिस टीम ने संबंधित अधिकारियों से पूछताछ भी की है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।

ED ने आरोपों को नकारा, खुद को चोट पहुंचाने का दावा

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संतोष कुमार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि संतोष कुमार इस मामले का आरोपी है और उसने पूछताछ के दौरान खुद ही कांच के जग से अपने सिर पर वार कर लिया था। ईडी के मुताबिक, इस घटना के तत्काल बाद उसका इलाज भी कराया गया था।

एजेंसी ने दावा किया है कि पूछताछ और इलाज से जुड़े सभी जरूरी रिकॉर्ड उनके पास सुरक्षित मौजूद हैं। मेडिकल जांच में किसी भी तरह की गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, अब इस पूरे मामले की वास्तविकता जानने के लिए जांच का पूरा फोकस सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और दस्तावेजी साक्ष्यों पर टिक गया है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग की

इस घटनाक्रम के बीच झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जांच एजेंसी के अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। नेता प्रतिपक्ष ने ईडी अधिकारियों की सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है।

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