रांची में 20 मार्च 2026 को निजी स्कूलों की फीस वसूली पर नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कमिटी का गठन किया गया। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बनी इस कमिटी के तहत तय सीमा से अधिक फीस लेने पर स्कूलों पर ₹50,000 से ₹2.5 लाख तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
रांची में प्राइवेट स्कूल फीस पर सख्त नियम लागू
झारखंड के रांची में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। 20 मार्च 2026 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय कमिटी का गठन किया गया।
यह कमिटी झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत काम करेगी और फीस निर्धारण से जुड़े मामलों पर निर्णय लेगी।
तय सीमा से अधिक फीस पर कार्रवाई
नए प्रावधानों के अनुसार, कोई भी निजी विद्यालय निर्धारित शुल्क से अधिक फीस नहीं वसूल सकेगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित स्कूल पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
स्कूलों के लिए जरूरी निर्देश
सभी निजी विद्यालयों को अपने स्तर पर शुल्क निर्धारण कमिटी बनानी होगी। साथ ही अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन करना भी अनिवार्य किया गया है।
कमिटी के सदस्यों और संरचना की जानकारी स्कूल के नोटिस बोर्ड और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा।
बिक्री और खरीद पर भी रोक
निर्देशों के अनुसार, स्कूल परिसर में किताबें, यूनिफॉर्म, जूते या अन्य सामग्री की बिक्री नहीं की जाएगी। स्कूल किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने के लिए अभिभावकों या छात्रों को बाध्य नहीं कर सकेंगे।
विद्यालय भवन और परिसर का उपयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ही किया जाएगा।
कमिटी को दिए गए विशेष अधिकार
जिला स्तरीय कमिटी को फीस निर्धारण के साथ गवाहों को सम्मन जारी करने, दस्तावेजों की मांग करने और साक्ष्य एकत्र करने का अधिकार दिया गया है।
अभिभावकों के हित में फैसला
प्रशासन के अनुसार, यह कदम अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत देने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
किसी भी शिकायत के लिए अभिभावक ‘अबुआ साथी’ हेल्पलाइन नंबर 9430328080 पर संपर्क कर सकते हैं।
