रांची में निजी स्कूलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आर्यभट्ट सभागार, रांची विश्वविद्यालय में हुई बैठक में अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर फीस, PTA गठन और छात्र अधिकारों से जुड़े कई अहम निर्देश जारी किए गए।
रांची में निजी स्कूलों के लिए नए निर्देश जारी
रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभिभावकों और छात्रों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
PTA और शुल्क समिति अनिवार्य
सभी निजी स्कूलों को 3 दिनों के भीतर अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) और स्कूल स्तर की शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य किया गया है।
फीस वृद्धि पर नियंत्रण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूल अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि कर सकते हैं और यह वृद्धि कम से कम 2 वर्षों के अंतराल पर ही की जा सकेगी।
सभी स्कूलों को 20 अप्रैल 2026 तक पिछले 3 वर्षों और वर्तमान वर्ष की फीस का पूरा विवरण जमा करना होगा।
री-एडमिशन शुल्क पर प्रतिबंध
किसी भी नाम से री-एडमिशन शुल्क लेना पूरी तरह अवैध घोषित किया गया है। साथ ही आवेदन फॉर्म के नाम पर केवल न्यूनतम शुल्क ही लिया जा सकेगा।
छात्र अधिकारों की सुरक्षा
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र को परीक्षा से वंचित करना, अतिरिक्त फीस के लिए दबाव बनाना या समय पर ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) नहीं देना कानूनन अपराध माना जाएगा।
किताब और यूनिफॉर्म से जुड़े नियम
निजी स्कूलों को किताबों की पूरी सूची शिक्षा विभाग को उपलब्ध करानी होगी।
किसी एक दुकान से किताबें खरीदने का दबाव नहीं बनाया जा सकेगा और हर साल किताब बदलने पर रोक रहेगी।
यूनिफॉर्म में बदलाव केवल PTA की सहमति से ही संभव होगा और कम से कम 5 वर्षों तक एक ही यूनिफॉर्म लागू रहेगा। साथ ही स्कूल परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
परिवहन व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश
स्कूल बस शुल्क को भी फीस सीमा में शामिल किया गया है। सभी स्कूल बसों में CCTV, GPS और फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य किए गए हैं।
शिकायत दर्ज और निपटारा व्यवस्था
प्रशासन को अब तक 140 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। अभिभावक अपनी शिकायत जिला शुल्क समिति या व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर दर्ज करा सकते हैं।
सभी शिकायतों का निपटारा 60 दिनों के भीतर किया जाएगा और लिए गए निर्णयों को सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।
प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का उद्देश्य स्कूलों के कार्य में बाधा डालना नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना और छात्रों व अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है।
