रेवती बोलीं– ‘क्वालिटी है पहली पसंद’, फिल्म ‘अस्सी’ में निभाएंगी जज की भूमिका

रेवती बोलीं– ‘क्वालिटी है पहली पसंद’, फिल्म ‘अस्सी’ में निभाएंगी जज की भूमिका

मलयाली दर्शकों की पसंदीदा अभिनेत्री रेवती भले ही इन दिनों मलयालम सिनेमा में कम सक्रिय हों, लेकिन हिंदी और तमिल फिल्मों में लगातार काम कर रही हैं। रेवती का स्पष्ट कहना है कि वह साल में एक या दो फिल्मों में ही काम करती हैं और उनके लिए संख्या नहीं, बल्कि कहानी और किरदार की गहराई ज्यादा मायने रखती है।

फिल्म ‘अस्सी’ को लेकर क्या बोलीं?

रेवती की नई हिंदी फिल्म ‘अस्सी’ 20 फरवरी को रिलीज होगी। फिल्म एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न, कानूनी लड़ाई और कोर्टरूम ड्रामा पर आधारित है। रेवती इसमें जज की भूमिका निभा रही हैं, जो उनके करियर में पहली बार है।

उन्होंने बताया कि निर्देशक अनुभव सिन्हा ने इस संवेदनशील विषय को बेहद अलग और गहराई से पेश किया है। रेवती के अनुसार, यह फिल्म किसी एक घटना पर आधारित नहीं, बल्कि समाज में रोज घट रही घटनाओं से प्रेरित है।


किरदार चुनने पर रेवती की सोच

रेवती का मानना है कि:

  • किरदार छोटा या बड़ा नहीं, असरदार होना चाहिए।
  • दोहराए जाने वाले रोल में उनकी दिलचस्पी नहीं है।
  • हर फिल्म में चुनौती होनी जरूरी है।

उन्होंने बताया कि वह निर्देशक की अभिनेत्री हैं और किरदार की तैयारी में उसकी चाल-ढाल, प्रतिक्रिया और भावनात्मक गहराई पर खास ध्यान देती हैं।


कैमियो लेकिन असरदार

रेवती विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ और महेश नारायणन की फिल्म ‘पैट्रियट’ में भी नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि दोनों फिल्मों में उनका सिर्फ एक सीन है, लेकिन उनका मानना है कि अगर किरदार कहानी पर प्रभाव डालता है, तो वह जरूर काम करती हैं।


निर्देशन पर क्या कहा?

रेवती ने साफ किया कि वह सिर्फ मनोरंजन के लिए फिल्में नहीं बनातीं। उनके मुताबिक, फिल्म में एक मजबूत संदेश होना चाहिए, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करे।

उन्होंने सिनेमा में बढ़ती हिंसा और उसे ‘वीरता’ के रूप में दिखाने पर चिंता जताई। साथ ही रचनात्मक स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए संतुलन बनाए रखने की बात कही।


सिनेमा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

रेवती ने गर्व से बताया कि उनकी निर्देशित फिल्म ‘मिथिर’ ने महिला तकनीशियनों की भागीदारी बढ़ाने में योगदान दिया। आज दक्षिण भारतीय सिनेमा में कैमरा, एडिटिंग और निर्देशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या पहले से ज्यादा है।


मलयाली दर्शकों के लिए संदेश

रेवती ने कहा कि 2012 के बाद मलयालम में उन्हें प्रेरक किरदार नहीं मिले, इसलिए ब्रेक लिया। हालांकि, उन्होंने मलयाली दर्शकों के प्यार के लिए आभार जताया।

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