वॉशिंगटन: अमेरिका इस वीकेंड तक ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है, हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है। यह जानकारी सीएनएन की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।
जेनेवा वार्ता के बाद बढ़ी हलचल
यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच स्विट्जरलैंड के जेनेवा में न्यूक्लियर डील पर हुई हाई-लेवल बातचीत के बाद सामने आया है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि वार्ता में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर दोनों देशों के बीच अब भी मतभेद बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कूटनीति ही राष्ट्रपति ट्रंप की पहली प्राथमिकता है।
ईरान को चेतावनी
व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका के साथ समझौता करना ईरान के लिए बेहतर विकल्प होगा। साथ ही संकेत दिया गया कि अगर बातचीत असफल रही तो अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
ईरान में जारी अशांति
28 दिसंबर 2025 से ईरान में गंभीर आर्थिक संकट, रियाल की गिरावट और महंगाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हुए। तेहरान से शुरू हुए विरोध पूरे देश में फैल गए और 1979 की क्रांति के बाद से सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गए।
8 जनवरी 2026 को सरकार ने देशभर में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद कर दीं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका ने ईरान में हिंसा की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन किया है और मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर कुछ अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध बढ़ाए हैं।
वहीं, तेहरान ने विदेशी आलोचना को आंतरिक मामलों में दखल बताते हुए खारिज किया और अमेरिका, इजराइल व यूरोपीय देशों पर अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है।
स्थिति पर वैश्विक नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में कूटनीतिक या सैन्य निर्णय अहम हो सकते हैं।
