रांची में बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, आर्थिक अस्थिरता और राशन कार्ड रद्दीकरण के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। पांडेय ने कहा कि सरकार की नीतियां बाजार नहीं, बल्कि चुनावी लाभ से तय होती हैं।
भाजपा की “चुनावी तेल नीति” पर विनोद कुमार पांडेय का प्रहार
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने 13 मई 2026 को रांची में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बयानों को वास्तविकता से दूर बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों को आर्थिक नीति के बजाय एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
तेल कंपनियों का मुनाफा और जनता पर टैक्स का बोझ
Bharat Manthan Live News की रिपोर्ट के अनुसार, विनोद कुमार पांडेय ने सवाल उठाया कि जब वित्त वर्ष 2023-24 में सरकारी तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने ₹81,000 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है, तो जनता को राहत क्यों नहीं दी जा रही? उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक केंद्र सरकार ने तेल पर टैक्स के जरिए लगभग ₹38.89 लाख करोड़ की वसूली की है, जिसका सीधा बोझ आम नागरिकों पर पड़ा है।
कमजोर अर्थव्यवस्था और सोने की बढ़ती कीमतें
महासचिव ने देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि सोने की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि लोगों का अपनी करेंसी और अर्थव्यवस्था पर से भरोसा घट रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों ने आम आदमी की बचत और क्रय शक्ति को पूरी तरह से कमजोर कर दिया है।
राशन कार्ड रद्दीकरण पर भाजपा को चेतावनी
विनोद कुमार पांडेय ने राशन कार्ड रद्दीकरण के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के बाद अब भाजपा झारखंड में भी गरीबों, आदिवासियों और मूलवासियों का राशन छीनने की साजिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेएमएम गरीबों के अधिकारों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं करेगी और राज्य के हर जरूरतमंद को सामाजिक सुरक्षा और राशन सुनिश्चित कराएगी।
