बीकानेर में पश्चिमी सीमा स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पर सोमवार देर रात ऑपरेशन खड़ग शक्ति 2026 संपन्न हुआ। भारतीय सेना के इस संयुक्त युद्धाभ्यास में हेलिकॉप्टर, ड्रोन, तोपखाना और बख्तरबंद इकाइयों ने आधुनिक एवं पारंपरिक युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया।
बीकानेर में ऑपरेशन खड़ग शक्ति 2026 संपन्न
बीकानेर के रेगिस्तानी क्षेत्र में स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पर चल रहा ऑपरेशन खड़ग शक्ति 2026 सोमवार देर रात संपन्न हुआ। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना ने समन्वित युद्ध क्षमता और सामरिक तैयारी का प्रदर्शन किया।
अभ्यास के दौरान आधुनिक और पारंपरिक युद्ध प्रणालियों का एकीकृत उपयोग किया गया।
आसमान से धरती तक समन्वित कार्रवाई
सेना की पश्चिमी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने बताया कि अभ्यास के दौरान हेलिकॉप्टर से पैराट्रूपरों की सामरिक छलांग कराई गई। चेतक और चीता हेलिकॉप्टर्स के माध्यम से त्वरित गोला-बारूद आपूर्ति और रेकी की गई।
हथियारों से लैस अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर ने चिन्हित लक्ष्यों पर सटीक प्रहार किए। स्वॉर्म और लॉजिस्टिक ड्रोन का भी उपयोग किया गया, जबकि तोपखाने की समन्वित फायरिंग ने अभियान को समर्थन दिया।
तकनीक आधारित युद्ध क्षमता की जांच
अभ्यास को सेना की तात्कालिक तकनीक आधारित युद्ध क्षमता की जांच का माध्यम बताया गया। यह अभ्यास बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप सामरिक तैयारी का संकेत माना गया।
रेतीले धोरों में पैराट्रूपर दस्तों ने निर्धारित दुश्मन ठिकानों को घेरकर हमला किया। हेलिकॉप्टर के जरिए हवाई टोही कर सूचनाएं कमांड मुख्यालय तक पहुंचाई गईं।
जमीनी और हवाई ताकत का संयुक्त प्रदर्शन
चेतक हेलिकॉप्टर्स ने अग्रिम मोर्चे पर तैनात टुकड़ियों के लिए गोला-बारूद और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की। अपाचे हेलिकॉप्टर्स ने नियंत्रित और सटीक कार्रवाई की।
जमीनी स्तर पर टैंक, बख्तरबंद वाहन और मशीनीकृत पैदल सेना ने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस, इंटेलिजेंस और सर्विलांस सिस्टम के जरिए निर्धारित लक्ष्यों को साधा।
ऑपरेशन खड़ग शक्ति 2026 ने पश्चिमी सीमा पर सेना की संयुक्त परिचालन क्षमता और समन्वित रणनीतिक तैयारी को प्रदर्शित किया।
