पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में एक फल विक्रेता और उसके नाबालिग बेटे के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का दावा करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के अनुसार, यह पूरा विवाद 500 रुपये के आम का पूरा भुगतान मांगने को लेकर शुरू हुआ था।
500 रुपये के आम का पूरा भुगतान मांगने पर विवाद का दावा
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो को लेकर यह गंभीर दावा किया जा रहा है कि हरसिद्धि थाना क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा एक स्थानीय फल विक्रेता और उसके नाबालिग बेटे के साथ मारपीट की गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहे इस वायरल वीडियो और इससे जुड़े आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और दावों के अनुसार, एक दरोगा ने फल विक्रेता की दुकान से करीब 500 रुपये के आम खरीदे थे। आरोप है कि दरोगा ने कथित तौर पर दुकानदार को केवल 300 रुपये का ही भुगतान किया। जब फल विक्रेता ने पूरी शेष राशि की मांग की, तो पहले दुकानदार और उसके बेटे के साथ पुलिसकर्मी की तीखी कहासुनी हुई। इसके बाद शाम के समय दोबारा कुछ पुलिसकर्मी दुकान पर पहुंचे, जिसके बाद यह विवाद और अधिक बढ़ गया।
सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल, एसपी ने दिए जांच के आदेश
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, वायरल दावों में कहा गया है कि रात के समय कुछ पुलिसकर्मी फिर से मौके पर पहुंचे और उन्होंने फल विक्रेता तथा उसके नाबालिग बेटे के साथ कथित तौर पर मारपीट की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज भी सोशल मीडिया पर जमकर साझा किए जा रहे हैं। इन फुटेज में कुछ पुलिसकर्मी एक व्यक्ति को जबरन खींचते और उसके साथ धक्का-मुक्की करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में हरसिद्धि थाना के दो दरोगाओं के नाम भी स्पष्ट रूप से लिए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के विरुद्ध होगी कड़ी कार्रवाई
मामले के लगातार तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर हलचल बढ़ने के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। एसपी ने इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अरेराज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात का कहना है कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि जांच में पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
