महराजगंज में नारायणी नदी का जलस्तर 40 साल के रिकॉर्ड के पार
महराजगंज जनपद में नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद नारायणी नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर पिछले 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुका है।
वाल्मीकि बैराज से करीब 4 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। वहीं नदी का जलस्तर करीब 7 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
सोहगीबरवा और गेड़हवा समेत कई इलाकों में बाढ़ का असर
नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर से महराजगंज के संवेदनशील इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा और निचलौल तहसील क्षेत्र के टेलफाल के समीप गेड़हवा गांव में पानी घुस गया है।
बाढ़ के कारण कई दर्जन घर पानी में डूब गए हैं। प्रभावित ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ राहत शिविरों में खाने और चिकित्सा की व्यवस्था
प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों के लिए बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। यहां कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
डीएम ने टेलफाल और गेड़हवा गांव का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने 28 सितंबर को बाढ़ प्रभावित टेलफाल और गेड़हवा गांव का दौरा किया। उन्होंने मौके पर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
करीब साढ़े चार हजार ग्रामीण प्रभावित
जिलाधिकारी के अनुसार, नारायणी नदी का जलस्तर करीब 4 लाख 50 हजार क्यूसेक चल रहा है और इसके करीब 7 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना है।
बाढ़ से करीब साढ़े चार हजार ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, कम्युनिटी किचन और मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
अतिरिक्त NDRF और SDRF फोर्स मंगाई गई
जलस्तर और बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त एनडीआरएफ और एसडीआरएफ फोर्स मंगाई है।
जिला प्रशासन के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
