छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र पुलिस पर 10 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि चंद्रपुर पुलिस सीजेपी कार्यकर्ताओं से यात्रा खर्च और वित्तीय सहायता के स्रोतों को लेकर सवाल पूछ रही है।
10 अक्टूबर प्रदर्शन को लेकर पुलिस नोटिस पर विवाद
छत्रपति संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राज्य पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की योजना बना रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं।
नोटिस में यात्रा खर्च और फंडिंग पर सवाल
दीपके के अनुसार, चंद्रपुर पुलिस ने सीजेपी कार्यकर्ताओं को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 168 के तहत नोटिस जारी किए हैं। बल्लारपुर पुलिस स्टेशन द्वारा कार्यकर्ता मयूर प्रेमानंद मलखेड़े को भेजे गए नोटिस में जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने का कारण, उद्देश्य और इसके लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता के स्रोत के बारे में जानकारी मांगी गई है।
महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर आरोप
पत्रकारों से बात करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों पर राज्य पुलिस यह कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बल में से एक रही है, लेकिन जंतर-मंतर प्रदर्शन में भाग न लेने के लिए कार्यकर्ताओं को इस तरह के नोटिस भेजा जाना निराशाजनक है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के चंद्रपुर के अलावा राजस्थान में भी सीजेपी कार्यकर्ताओं को ऐसे नोटिस जारी किए गए हैं।
