राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को हिमाचल प्रदेश पहुंचीं। अपनी यात्रा के दौरान वह कुल्लू जिले के मनाली स्थित दुनिया की 10,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित सबसे लंबी अटल टनल रोहतांग और प्रसिद्ध हिडिम्बा मंदिर का दौरा करेंगी। सुबह उन्होंने एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में शिरकत की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हिमाचल प्रदेश आगमन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय राज्य स्तरीय दौरे पर मंगलवार को हिमाचल प्रदेश पहुंचीं। राष्ट्रपति मंगलवार शाम को कुल्लू जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली पहुंच रही हैं। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर कुल्लू जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं तथा उनके यात्रा मार्ग के हर कोने पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
एम्स बिलासपुर का प्रथम दीक्षांत समारोह
अपने प्रवास की शुरुआत में राष्ट्रपति ने मंगलवार सुबह एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस समारोह के दौरान उन्होंने 43 एमबीबीएस छात्रों, 14 एमडी व एमएस पास-आउट, 26 नर्सिंग प्रशिक्षुओं और नौ पैरा-मेडिकल छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं।
अटल टनल रोहतांग और हिडिम्बा मंदिर का भ्रमण
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग, अटल टनल रोहतांग का दौरा करेंगी।
इसके बाद बुधवार, 7 अक्टूबर को वह मनाली गांव में स्थित प्रसिद्ध हिडिम्बा मंदिर जाएंगी। देवदार के विशाल वृक्षों से घिरा यह चार छतों वाला पैगोडा शैली का मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।
हिडिम्बा मंदिर का पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व
महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर की देवी हिडिम्बा को पांडव पुत्र भीम की पत्नी और घटोत्कच की माता के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर कुल्लू के राजपरिवार की ‘दादी’ का विशेष दर्जा भी रखता है। मंदिर के भीतर एक प्राकृतिक चट्टान मौजूद है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘ढुंग’ कहा जाता है। इसी कारण देवी को ‘ढुंगरी देवी’ या ग्राम देवी के रूप में भी पूजा जाता है।
