12 अक्टूबर 2026 को मुंबई में, शिवसेना (UBT) सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर निशाना साधा। उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा विपक्ष के नेताओं से मिलने से इनकार करने पर चिंता जताई और कहा कि यदि अदालत के दरवाजे बंद होते हैं, तो यह संविधान के लिए दुर्भाग्य है।
संजय राउत का न्यायपालिका और केंद्र पर हमला
मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच, शिवसेना (UBT) सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार, चुनाव आयोग और न्यायपालिका की आलोचना की। पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा और वे निश्चित रूप से हटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों के साथ-साथ मुंबई के शिवाजी पार्क में भी युवा नेता प्रदर्शन करेंगे।
CJI के मिलने से इनकार पर निराशा
संजय राउत ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी सदस्यों से मिलने से इनकार करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को वोट चोरी और मतदाता सूची में अनियमितताओं के संबंध में न्याय मांगने के लिए संवैधानिक संस्थाओं के दरवाजे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो नागरिकों के पास लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हर संवैधानिक संस्था में अपने लोगों को नियुक्त किया है।
मुंबई में प्रदर्शन और अवैध गिरफ्तारियों पर रोक
मुंबई में हो रहे प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए राउत ने कहा कि आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे छात्रों के समर्थन में आगे आए हैं और पार्टी जबरन तथा अवैध गिरफ्तारियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यकर्ताओं की अवैध गिरफ्तारी नहीं होने दी जाएगी और यदि पुलिस कार्रवाई करती है, तो पार्टी नेता पुलिस स्टेशनों पर जाकर अधिकारियों से सवाल करेंगे।
