दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 31 अक्टूबर से होगी शुरू

नई दिल्ली और वाराणसी के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंदरूनी हिस्सा।

उत्तर रेलवे ने 31 अक्टूबर से नई दिल्ली और वाराणसी के बीच देश की पहली अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन की घोषणा की है। यह ट्रेन लगभग 760 किमी की दूरी तय करेगी और त्योहारी सीजन के दौरान यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी।

दिल्ली और वाराणसी के बीच वंदे भारत स्लीपर का शुभारंभ

त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों के लिए उत्तर रेलवे ने दो बड़े ऐलान किए हैं। एक तरफ जहां नई दिल्ली और वाराणसी के बीच देश की पहली अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन 31 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए ‘फेस्टिवल स्पेशल’ ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।

रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (27422/27421) आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यह लगभग 760 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और इसमें कुल 16 कोच होंगे, जिसमें एक फर्स्ट एसी, चार सेकंड एसी और 11 थर्ड एसी कोच शामिल हैं। इस ट्रेन की कुल क्षमता प्रति फेरा 823 यात्रियों की है।

ट्रेन के प्रमुख स्टॉपेज और समय-सारणी

यह ट्रेन गाजियाबाद जंक्शन, अलीगढ़ जंक्शन, कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर रुकेगी, जिससे इन शहरों के यात्रियों को भी दिल्ली और वाराणसी के बीच यात्रा करने का बेहतरीन विकल्प मिलेगा।

  • ट्रेन संख्या 27422 (नई दिल्ली से वाराणसी): यह ट्रेन रात 09:40 बजे नई दिल्ली से प्रस्थान करेगी और गाजियाबाद (10:13 बजे), अलीगढ़ (11:20 बजे), कानपुर (02:45 बजे) तथा प्रयागराज (05:05 बजे) होते हुए अगली सुबह 07:10 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचेगी।
  • ट्रेन संख्या 27421 (वाराणसी से नई दिल्ली): यह ट्रेन रात 08:50 बजे वाराणसी से चलकर प्रयागराज (10:35 बजे), कानपुर (12:40 बजे), अलीगढ़ (03:55 बजे) और गाजियाबाद (05:25 बजे) के रास्ते अगले दिन सुबह 06:10 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।

आधुनिक स्पीड और सुरक्षा विशेषताएं

यह ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति के लिए डिजाइन की गई है। इसमें उन्नत सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जो उच्च गति पर भी झटकों से मुक्त एक आरामदायक सफर सुनिश्चित करता है। साथ ही, केबिन के भीतर बाहरी शोर को रोकने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसमें सेंसर-आधारित टच-फ्री बायो-टॉयलेट, बेहतर लाइटिंग, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट, ‘कवच’ (Kavach) सुरक्षा प्रणाली, सर्विलांस कैमरे और फायर डिटेक्शन सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं।

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