अमरावती में गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी तबाही हुई है। राज्यभर में 3.25 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं और शुरुआती अनुमान के मुताबिक बिजली के बुनियादी ढांचे को 11.70 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
चक्रवात अरनब का आंध्र प्रदेश में भारी तांडव
अमरावती: गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ के प्रभाव ने आंध्र प्रदेश के कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। पूरे सीजन कड़ी मेहनत करने वाले किसानों के सामने अब फसल नष्ट होने के कारण अनिश्चित भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और गिरे हुए पेड़ों के कारण यातायात बाधित हुआ है। इस चक्रवात ने राज्यभर में बिजली के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
फसलों को भारी नुकसान
इस गंभीर चक्रवाती तूफान ने राज्यभर के 249 मंडलों के 2,727 गांवों में 3.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को प्रभावित किया है। प्रारंभिक अनुमानों से पता चलता है कि 16 जिलों में 3.04 लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है।
किसानों को इस बात की चिंता सता रही है कि यदि पानी जल्दी नहीं निकला, तो फसलें अंकुरित होने लगेंगी। उन्हें यह भी समझ नहीं आ रहा है कि वे अपनी फसल का कितना हिस्सा बचा पाएंगे।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
फसल डूबने की सबसे अधिक घटनाएं पश्चिम गोदावरी जिले (74,175 हेक्टेयर) से सामने आई हैं। इसके बाद काकीनाडा (50,993 हेक्टेयर), डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा (48,449 हेक्टेयर), पूर्वी गोदावरी (42,635 हेक्टेयर), कृष्णा (40,141 हेक्टेयर) और बापटला (21,927 हेक्टेयर) का स्थान है। धान, मक्का, हरा चना, उड़द और मूंगफली जैसी फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
एनटीआर, गुंटूर और पलनाडु जिलों के कुछ हिस्सों में कटाई के लिए तैयार कपास की फसलें भी भीग गई हैं। इसके अलावा, 12,763 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलें और 25,914 किसानों के केले, पपीता, नारियल, सब्जियां और पान के पत्तों के बागान प्रभावित हुए हैं।
बुनियादी ढांचे और सड़कों को क्षति
सड़क और भवन विभाग द्वारा बनाई गई 126 किमी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, और तेज हवाओं के कारण 1,058 पेड़ उखड़ गए, जिससे कई सड़कों पर यातायात बाधित हुआ। साथ ही, प्रारंभिक आकलन के अनुसार बिजली के बुनियादी ढांचे को 11.70 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचा है।
