Delhi Declaration 2026: वैश्विक जलवायु शासन के लिए मजबूत सहयोग की अपील

नई दिल्ली में आयोजित एराइज सिटीज फोरम 2026 के समापन सत्र में दिल्ली घोषणापत्र जारी करते हुए प्रतिनिधि।

नई दिल्ली में संपन्न एराइज सिटीज फोरम 2026 में ‘दिल्ली घोषणापत्र’ को अपनाया गया है। इसके तहत ग्लोबल साउथ के शहरों और स्थानीय सरकारों ने वैश्विक जलवायु शासन में मजबूत बहुस्तरीय सहयोग और अनिवार्य साझीदार के रूप में मान्यता दिए जाने की संयुक्त अपील की है।

वैश्विक जलवायु शासन के लिए दिल्ली घोषणापत्र 2026 जारी

नई दिल्ली: नई दिल्ली में संपन्न हुए एराइज सिटीज फोरम 2026 में ‘ग्लोबल क्लाइमेट गोल्स के लिए स्थानीय कार्रवाई पर दिल्ली घोषणापत्र’ (Delhi Declaration on Local Action for Global Climate Goals) को अपनाया गया है। इस घोषणापत्र के माध्यम से ग्लोबल साउथ के शहरों और स्थानीय सरकारों ने वैश्विक जलवायु शासन में मजबूत बहुस्तरीय सहयोग और उन्हें अनिवार्य साझीदार के रूप में मान्यता देने की संयुक्त अपील की है।

राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित इस फोरम का यह दूसरा संस्करण था। इसका आयोजन आईसीएलईआई साउथ एशिया (ICLEI South Asia) द्वारा राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान (NIUA) के सहयोग और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के समर्थन से किया गया था।

फोरम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी

इस दो दिवसीय फोरम में 18 से अधिक देशों के 50 से अधिक शहरों से 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य ग्लोबल साउथ की शहरी आवाजों को प्रमुखता से सामने लाना और मापने योग्य, स्थानीय स्तर पर संचालित पहलों के माध्यम से जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने में सहयोग, स्थिरता, लचीलेपन और समानता के मूल्यों पर जोर देना था। इस फोरम में तीन तकनीकी पूर्ण सत्र और 14 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

इस फोरम की थीम “भारत से अंताल्या — प्रतिबद्धता. कार्यान्वयन. परिणाम” (From Bharat to Antalya — Commit. Implement. Deliver) रखी गई थी। दिल्ली घोषणापत्र 2026 में व्यक्त की गई इस सामूहिक महत्वाकांक्षा को अब तुर्किये के अंताल्या में होने वाले COP31 में ले जाया जाएगा।

समापन सत्र के प्रमुख वक्ता

फोरम के समापन सत्र को भारत में तुर्किये गणराज्य के राजदूत अली मुरात एर्सॉय, दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही, यूनेस्केप (UNESCAP) की दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया क्षेत्रीय कार्यालय की प्रमुख मिकिको तनाका, दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राज्य प्रभारी और द एशियाटिक सोसाइटी ऑफ मुंबई के अध्यक्ष डॉ. विनय पी. सहस्रबुद्धे, राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलिना कुंडु, और आईसीएलईआई के महासचिव गिनो वैन बेगिन ने संबोधित किया। इसके अलावा, COP31 जलवायु चैंपियन और ज़ीरो वेस्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष समेद अगिरबास ने वर्चुअल माध्यम से विशेष संबोधन दिया।

अपने संबोधन में राजदूत एर्सॉय ने कहा, “‘भारत से अंताल्या’ की यात्रा कार्रवाई का एक निरंतर प्रवाह होनी चाहिए। तुर्किये की मेजबानी की प्राथमिकताएं जलवायु कार्रवाई के प्रति भारतीय दृष्टिकोण के साथ सहज रूप से मेल खाती हैं, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी ‘दुनिया एक परिवार है’ की कालातीत दर्शन पर आधारित है।”

वहीं, मेयर प्रवेश वाही ने कहा, “आईसीएलईआई साउथ एशिया ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, इलेक्ट्रिक बस बेड़े का विस्तार करने और अंतिम मील की कनेक्टिविटी में सुधार करने में दिल्ली का समर्थन किया है।” उन्होंने शहर के नेतृत्व को मजबूत करने, जागरूकता बढ़ाने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए हस्तक्षेप करने में सहयोग के लिए आईसीएलईआई साउथ एशिया की सराहना की।

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