पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों और कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने धान खरीदी की तारीख, किसानों और मजदूरों की स्थिति, समान नागरिक संहिता (UCC) तथा राज्योत्सव को लेकर बयान दिया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी सरकार की नीतियों की आलोचना की।
धान खरीदी की तारीख को लेकर सरकार पर निशाना
अमरजीत भगत ने कहा कि बीजेपी की सरकार किसान और मजदूर विरोधी है। उनके मुताबिक, धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने इसके लिए 15 नवंबर की तारीख तय की है।
उन्होंने कहा कि 8 नवंबर को दिवाली है। ऐसे में धान खरीदी देर से शुरू होने के कारण किसानों और मजदूरों को त्योहार मनाने के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से धान खरीदी की तारीख को लेकर सवाल उठाए।
UCC को लेकर जताया विरोध
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध करते हुए कहा कि इसे लागू करना संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों को खोना स्वीकार नहीं करेगा।
भगत ने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि इस संबंध में सरकार की कथित धोखेबाजी को समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
दिल्ली रैली और राज्योत्सव पर भी रखी बात
अमरजीत भगत ने बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली में रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी को देशभक्ति और प्रदेशभक्ति का प्रमाण देने की जरूरत नहीं है। भगत के अनुसार, उनके शासनकाल में ऐतिहासिक रूप से राज्योत्सव मनाया गया था।
इस दौरान पूर्व मंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उनकी चर्चा में UCC, धान खरीदी और आदिवासी समाज के अधिकार प्रमुख रहे।
