अगर आप बैंक लोन की रिकवरी के दौरान एजेंटों के दुर्व्यवहार से परेशान हैं, तो राहत की खबर है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्ज वसूली प्रक्रिया को पारदर्शी और सभ्य बनाने के लिए नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के हालिया बयान के बाद लाए गए इन प्रस्तावों का उद्देश्य वसूली प्रक्रिया में सख्ती के साथ जवाबदेही तय करना है।
अब हर कॉल होगी रिकॉर्ड
- रिकवरी एजेंट और ग्राहक के बीच होने वाली हर फोन कॉल रिकॉर्ड करना अनिवार्य होगा।
- बदसलूकी या धमकी की स्थिति में रिकॉर्डिंग सबूत का काम करेगी।
- बैंक की जिम्मेदारी तय होगी।
बिना ट्रेनिंग नहीं बन सकेंगे एजेंट
- सभी रिकवरी एजेंटों को Indian Institute of Banking and Finance (IIBF) से ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट लेना होगा।
- एजेंटों को कानूनी प्रक्रिया और शिष्टाचार की जानकारी अनिवार्य रूप से दी जाएगी।
तय समय में ही संपर्क
- एजेंट केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही कॉल या विजिट कर सकेंगे।
- मृत्यु, बीमारी, शादी या त्योहार के समय वसूली के लिए दबाव बनाना नियमों के खिलाफ होगा।
- घर पर “शालीनता और मर्यादा” बनाए रखना अनिवार्य होगा।
धमकी और सोशल मीडिया पर रोक
- अपशब्द, डराने-धमकाने या सोशल मीडिया के जरिए दबाव बनाने पर सख्त रोक।
- बैंकों को अपनी वेबसाइट पर अधिकृत एजेंटों की सूची सार्वजनिक करनी होगी।
बैंकों की बढ़ी जवाबदेही
- एजेंट की गलती के लिए बैंक जिम्मेदार होगा।
- नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य।
यह कदम उन घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिनमें वसूली के दौरान ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न की शिकायतें सामने आई थीं।
