बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में राहत मिलती है या नहीं, इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आज अहम सुनवाई की।
क्या हुआ कोर्ट में?
- दिल्ली हाईकोर्ट ने जेल में बंद राजपाल यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई की।
- जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया।
- मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजपाल यादव के आचरण पर आपत्ति जताई और कहा कि हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई थी, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली। इससे पहले 5 फरवरी को हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार करते हुए उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद उन्होंने जेल में आत्मसमर्पण कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
- कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस के सात मामलों में दोषी ठहराया था।
- उन पर 1 करोड़ 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- उनकी पत्नी राधा यादव पर भी 10 लाख रुपये प्रति केस का जुर्माना लगाया गया।
विवाद की पृष्ठभूमि
- साल 2010 में फिल्म ‘अता पता लापता’ पूरी करने के लिए मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया गया।
- करार के अनुसार ब्याज सहित 8 करोड़ रुपये लौटाने थे।
- बाद में तीन बार समझौता रिन्यू हुआ और अंतिम करार में करीब 11.10 करोड़ रुपये लौटाने की सहमति बनी।
- कंपनी का आरोप है कि रकम वापस नहीं की गई।
हालांकि राजपाल यादव ने अदालत में दावा किया था कि उन्होंने लोन नहीं लिया बल्कि कंपनी में निवेश किया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील खारिज कर दी।
