रांची: सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और सुनिश्चित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के अंतर्गत अधिसूचित PM-RAHAT (Prime Minister–Road Accident Victims Hospitalization and Assured Treatment) योजना को 4 मई 2025 को नोटिफाई किया था। 13 फरवरी 2026 को इस योजना को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। यह योजना आयुष्मान भारत के TMS 2.0 पोर्टल प्लेटफॉर्म पर संचालित की जा रही है।
7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
योजना के तहत किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन से हुई दुर्घटना के पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। पात्र मामलों में इस योजना को अन्य सभी योजनाओं पर प्राथमिकता दी जाएगी।
दुर्घटना से संबंधित थाने द्वारा सत्यापन के बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य है। 24 घंटे के बाद भर्ती होने की स्थिति में योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने की समीक्षा बैठक
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी शामिल हुए।
‘गोल्डन आवर में सहायता सराहनीय’
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा होता है, उस गोल्डन आवर में आर्थिक सहायता और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस योजना से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
दिल्ली में विस्तृत बैठक की मांग
वीसी के दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने सुझाव दिया कि इस विषय पर सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ दिल्ली में विस्तृत बैठक आयोजित की जाए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द बैठक बुलाने का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान मंत्री ने अपने गृह जिले जामताड़ा की एक महत्वपूर्ण लंबित सड़क परियोजना का मुद्दा भी उठाया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने विस्तार से चर्चा कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
ऐतिहासिक पहल
PM-RAHAT योजना को सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। राज्य स्तर पर संबंधित एजेंसियों और नामित अस्पतालों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
