Gaya MGNREGA Scam: इमामगंज में ‘हरा घोटाला’, कागजों पर हजारों पौधे गायब

गया के इमामगंज में मनरेगा वृक्षारोपण घोटाला स्थल जहां कागजों पर पौधे हैं पर जमीन खाली है।

बिहार के Gaya जिले के इमामगंज प्रखंड में मनरेगा के तहत ‘हरा घोटाला’ का मामला सामने आया है। झिकटिया पंचायत में कागजों पर हजारों पौधे लगाने का दावा कर सरकारी राशि की निकासी का आरोप है, जबकि धरातल पर वृक्षारोपण का कोई प्रमाण नहीं मिला है। ग्रामीणों ने इस वित्तीय अनियमितता को लेकर जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

गया में मनरेगा योजनाओं में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप

गया जिले के इमामगंज प्रखंड अंतर्गत झिकटिया पंचायत से मनरेगा योजनाओं में व्यापक वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि वृक्षारोपण के नाम पर सरकारी धन की अवैध निकासी की गई है, जबकि वास्तविकता में जमीन पर कोई कार्य नहीं हुआ है।

इस कथित ‘हरा घोटाला’ को लेकर गांव में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर सरकारी कागजों में हजारों पौधे लगाने और मजदूरों के काम करने का विवरण दर्ज है, वहीं संबंधित स्थलों पर हरियाली का कोई नामोनिशान नहीं है।

कागजों और धरातल के बीच बड़ा अंतर

ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में कई वृक्षारोपण योजनाओं को सरकारी फाइलों में पूर्ण दिखाया गया है। फर्जी मास्टर रोल तैयार कर राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। ग्रामीणों ने साक्ष्य के तौर पर जीपीएस लोकेशन वाली तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें वृक्षारोपण के निर्धारित स्थानों पर केवल खाली जमीन दिखाई दे रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तो बड़े स्तर पर वित्तीय हेराफेरी का खुलासा हो सकता है।

इन योजनाओं में धांधली की शिकायत

ग्रामीणों ने निम्नलिखित प्रमुख स्थलों पर हुई गड़बड़ी को चिन्हित किया है:

  • ग्राम करमौन: गढ़ आहर पइन के दक्षिणी छोर पर वृक्षारोपण।
  • कन्हाई राम से गोधन भारती के घर तक: पइन किनारे का पौधारोपण।
  • सुरेश भूइया के घर से पूबाही आहार तक: वृक्षारोपण योजना।
  • पटखौलिया आहार: सड़क किनारे का पौधारोपण कार्य।
  • एकंबा और करोन गांव: चमार आहार और नदी किनारे की योजनाएं।

प्रशासन का पक्ष और कार्रवाई की मांग

इस मामले पर भारत मंथन लाइव न्यूज ने इमामगंज के कार्यक्रम पदाधिकारी रमेश कुमार से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें कोई आधिकारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत प्राप्त होते ही जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

इमामगंज के निवासियों ने अब गया जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और सरकारी राशि के दुरुपयोग की समीक्षा करने की पुरजोर मांग की है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *