झारखंड के Godda जिले की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायाधीश कुमार पवन की अदालत ने सभी छह दोषियों को प्राकृतिक जीवन (अंतिम सांस तक) के लिए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध को समाज के लिए कलंक मानते हुए दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है।
स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने गोड्डा गैंगरेप के दोषियों को सुनाई अंतिम सांस तक जेल
Godda जिला न्यायालय स्थित स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में त्वरित न्याय करते हुए छह आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषियों को उनके प्राकृतिक जीवन के अंत तक जेल में ही रहना होगा।
सजा के साथ-साथ प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा काटनी होगी।
दोषी करार दिए गए अभियुक्तों का विवरण
अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के दादुघुटु गांव निवासी निम्नलिखित छह लोगों को सजा सुनाई है:
- रमेश हेम्ब्रम
- जीतेन्द्र बासकी
- प्रकाश हांसदा
- जीतेन्द्र हांसदा
- बाबुराम बासकी
- एलबीनोस हेम्ब्रम
साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया
यह मामला साहेबगंज जिले की एक नाबालिग लड़की से जुड़ा है, जिसे मोबाइल पर दोस्ती के बाद मिलने के बहाने Godda बुलाया गया था। वहां आरोपियों ने सामूहिक रूप से इस घृणित अपराध को अंजाम दिया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से निम्नलिखित तथ्य प्रस्तुत किए गए:
- गवाहों के बयान: कुल 10 गवाहों ने अदालत में अपनी गवाही दर्ज कराई।
- कानूनी धाराएं: अदालत ने सभी आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) के तहत दोषी पाया।
- पुनर्वास निर्देश: पीड़िता की आर्थिक सहायता और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने अपने आदेश में जोर देकर कहा कि नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। Bharat Manthan Live News न्याय प्रणाली की ऐसी हर बड़ी खबर आप तक पहुँचाता रहेगा।
