असम में चुनावी दौरे के दौरान झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने चाय बगान क्षेत्रों का दौरा कर श्रमिकों से मुलाकात की। इस दौरान मजदूरों ने अपनी समस्याएं साझा कीं, जिससे माहौल भावुक हो गया। उन्होंने मजदूरी बढ़ाने के अधूरे वादे पर भी सवाल उठाए।
असम चुनाव में चाय बगान मजदूरों की समस्याएं प्रमुख मुद्दा
असम में जारी चुनावी गतिविधियों के बीच झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की चाय बगान क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने वहां कार्यरत श्रमिकों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना।
चाय बगान मजदूरों ने अपनी वर्षों पुरानी परेशानियों और संघर्षों को खुलकर साझा किया। बातचीत के दौरान माहौल भावुक हो गया, जहां श्रमिकों ने अपने हालात को विस्तार से बताया।
श्रमिकों से जुड़ाव पर मंत्री का बयान
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि चाय बगान के श्रमिकों से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी कई कार्यक्रमों में श्रमिकों के बीच शामिल होती रही हैं और उनकी समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं।
मजदूरी बढ़ाने के वादे पर सवाल
2016 का वादा अब तक अधूरा
मंत्री तिर्की ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2016 में चाय बगान श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाकर ₹351 करने का वादा किया गया था।
उन्होंने कहा कि यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है, जिससे श्रमिकों में नाराजगी बनी हुई है।
चुनाव में श्रमिकों का रुख
मंत्री ने दावा किया कि चाय बगान के श्रमिकों ने इस बार अपने हक और अधिकारों के लिए कांग्रेस को समर्थन देने का मन बनाया है।
उन्होंने कहा कि श्रमिक अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए इस चुनाव में बदलाव चाहते हैं।
