रांची: 1 अप्रैल 2026 को झारखंड हाईकोर्ट ने लोकायुक्त, सूचना आयुक्त और अन्य संवैधानिक पदों पर लंबित नियुक्तियों को लेकर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि लंबे समय से खाली पदों के कारण संस्थाओं का कामकाज प्रभावित हो रहा है और जनता को परेशानी हो रही है।
रांची में लंबित नियुक्तियों पर झारखंड हाईकोर्ट की सख्ती
रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर लंबित नियुक्तियों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। इनमें लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग, मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त जैसे पद शामिल हैं।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि इन पदों के लंबे समय तक खाली रहने से संस्थाओं के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और आम लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण पदों का लंबे समय तक रिक्त रहना प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करता है।
अदालत ने यह भी कहा कि इन पदों की अनुपस्थिति से शासन और सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
सरकार ने 7 अप्रैल से पहले कार्रवाई का दिया आश्वासन
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि लोकायुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना 7 अप्रैल 2026 से पहले जारी कर दी जाएगी।
कोर्ट ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हुए कहा कि वह इस प्रक्रिया की निगरानी जारी रखेगा।
याचिकाकर्ता ने बताया प्रशासनिक प्रभाव
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभय मिश्रा ने अदालत को बताया कि इन पदों के लंबे समय तक खाली रहने से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित हो रही है।
उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि इन महत्वपूर्ण पदों पर जल्द से जल्द नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
