नासा का आर्टेमिस 2 मिशन 2 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से सुबह 3:54 बजे लॉन्च होगा, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री 54 साल बाद चंद्रमा के आसपास मानव उड़ान पर जाएंगे।
फ्लोरिडा से नासा आर्टेमिस 2 चंद्रमा मिशन लॉन्च
नासा का आर्टेमिस 2 चंद्रमा मिशन 2 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 39बी से उड़ान भरेगा। यह 54 साल में पहली बार इंसानों को चंद्रमा के करीब भेजने वाला मिशन है।
इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं: मिशन कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीन कोच और जेरेमी हेंसन। ये सभी ऑरियन कैप्सूल में चंद्रमा के चारों ओर यात्रा करेंगे।
आर्टेमिस 2 का ऐतिहासिक महत्व
आर्टेमिस 2 पहली मानव उड़ान है जो 1972 में अपोलो 17 मिशन के बाद चंद्रमा के पास जाएगी। यह मिशन चंद्रमा पर उतरने वाला नहीं है, लेकिन भविष्य के लैंडिंग मिशनों और लंबे समय तक वहां रहने की तैयारी के लिए अहम है।
अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर ऑर्बिट करेंगे और पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी करेंगे। NASA ने इसे मानव अंतरिक्ष यात्रा के नए युग की शुरुआत बताया है।
मिशन की दूरी और मार्ग
आर्टेमिस 2 की टीम पृथ्वी से लगभग 4,02,000 किलोमीटर दूर चंद्रमा के पास पहुंचेगी, जो अपोलो 13 मिशन से 2,414 किलोमीटर अधिक है। ऑरियन कैप्सूल फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर यात्रा करेगा, यानी बिना अतिरिक्त रॉकेट बर्न के सुरक्षित वापसी होगी।
चंद्रमा के पीछे जाते समय लगभग 50 मिनट तक रेडियो संपर्क नहीं रहेगा। NASA ने कहा है कि यह दूरी रिकॉर्ड भविष्य के अधिकांश मिशनों में दोहराया नहीं जाएगा।
आर्टेमिस 2 क्यों महत्वपूर्ण है
अपोलो कार्यक्रम 1972 में समाप्त होने के बाद अमेरिका ने चंद्रमा मिशन बंद कर पृथ्वी की कक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। अब चंद्रमा पर पानी, खनिज और अन्य संसाधन भविष्य की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
आर्टेमिस 2 कार्यक्रम का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण मिशन है, जो इंसानों को चंद्रमा के पास वापस ले जाएगा और लंबी अवधि की मानव उपस्थिति के लिए मार्ग तैयार करेगा।
