पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। करीब दो दशक लंबे कार्यकाल के बाद उन्होंने पद छोड़ा और नई सरकार को पूरा समर्थन देने की बात कही।
पटना में नीतीश कुमार का इस्तीफा, नई सरकार का रास्ता साफ
पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस कदम के साथ राज्य में लगभग दो दशकों से चल रही उनकी सरकार का कार्यकाल समाप्त हो गया और नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया।
राज्यपाल से मुलाकात और नेताओं की मौजूदगी
नीतीश कुमार दोपहर 3:15 बजे लोक भवन (पूर्व में राजभवन) पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग छह मिनट तक राज्यपाल से मुलाकात की। इसके बाद वह अपने आवास 1, अणे मार्ग लौट गए।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष उनके साथ मौजूद रहे।
मंत्रिपरिषद भंग, नई सरकार का गठन तय
इस्तीफे के साथ ही मंत्रिपरिषद भंग हो गई, जिससे राज्य में नई राजनीतिक व्यवस्था के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ। भारतीय जनता पार्टी द्वारा जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर दिया संदेश
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत संदेश साझा करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार के लोगों के लिए निरंतर काम किया है और अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने का निर्णय लिया है।
उन्होंने लिखा कि वह नई सरकार को पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देंगे तथा राज्य में विकास कार्य आगे भी जारी रहेंगे।
विकास कार्यों और उपलब्धियों का उल्लेख
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की पहली सरकार बनी थी, जिसके बाद राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया।
‘सात निश्चय-III’ का जिक्र
नीतीश कुमार ने ‘सात निश्चय-III’ योजना का भी जिक्र किया, जिसे 2025 से 2030 के बीच लागू करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य के विकास को और गति मिलेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि बिहार तेजी से विकसित होकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
आगे की राजनीतिक भूमिका
नीतीश कुमार अब दिल्ली जाने की तैयारी में हैं। वह पहले ही राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले चुके हैं और जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष के रूप में पार्टी का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
उनके पुत्र निशांत कुमार के उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना भी जताई जा रही है।
