केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए बोर्ड के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम के बाद उपजे ओएसएम (ऑनलाइन स्कैन कॉपी मैनेजमेंट) प्रणाली विवाद की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
सीबीएसई के चेयरमैन और सचिव हटाए गए, ऑनलाइन स्कैन कॉपी मैनेजमेंट सिस्टम की होगी जांच
नई दिल्ली: देश की प्रमुख परीक्षा संचालित करने वाली संस्था केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। बोर्ड की कार्यप्रणाली और हालिया विवादों को देखते हुए सीबीएसई के चेयरमैन और सचिव का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। इसके साथ ही बोर्ड की ओएसएम (ऑनलाइन स्कैन कॉपी मैनेजमेंट) प्रणाली से जुड़े विवादों की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन प्रक्रिया और परिणाम घोषित होने के बाद सामने आई तकनीकी व प्रशासनिक चुनौतियों की व्यापक समीक्षा के बाद केंद्र सरकार द्वारा यह कड़ा निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे सुधारात्मक कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।
ओएसएम विवाद से बढ़ी परेशानी, छात्रों ने लगाए थे आरोप
कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं (आंसर शीट) को देखने में आ रही गंभीर समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रों का आरोप था कि ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की गई कई उत्तर पुस्तिकाएं अत्यधिक धुंधली थीं, कुछ कॉपियों से पन्ने गायब थे और ऑनलाइन पोर्टल तक पहुंचने में भी लगातार तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं।
इन शिकायतों के सामने आने के बाद सीबीएसई के ओएसएम प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे थे। मामले ने जैसे ही तूल पकड़ा, वैसे ही पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और बोर्ड की शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा और विरोध शुरू हो गया।
उच्च स्तर पर हुई समीक्षा के बाद लिया गया एक्शन
जानकारी के मुताबिक, नरेंद्र मोदी स्वयं नीट (NEET) पेपर लीक मामले और सीबीएसई से जुड़े इस ओएसएम विवाद की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के संपन्न होने के बाद ही बोर्ड के दोनों शीर्ष अधिकारियों (चेयरमैन और सचिव) के तबादले का अंतिम फैसला लिया गया।
सरकार द्वारा नवगठित समिति अब सीबीएसई के ओएसएम प्लेटफॉर्म की पूरी कार्यप्रणाली, तकनीकी खामियों और छात्रों द्वारा की गई शिकायतों की बारीकी से जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। माना जा रहा है कि इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगामी समय में सीबीएसई की परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में कई और महत्वपूर्ण बदलाव किए जा सकते हैं।
