जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में 20 अप्रैल 2026 को रामनगर से उधमपुर जा रही एक यात्रियों से भरी बस खगोते इलाके के पास गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
उधमपुर बस हादसा: दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 16 की मौत
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा सामने आया, जिसमें यात्रियों से भरी बस गहरी खाई में गिर गई। इस दुर्घटना में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं।
यह हादसा रामनगर से उधमपुर जा रही बस के साथ खगोते इलाके के पास हुआ।
तेज रफ्तार और मोड़ पर अनियंत्रण से हादसा
जानकारी के अनुसार, बस पहाड़ी और संकरी सड़क पर तेज रफ्तार में थी। खतरनाक मोड़ पर चालक का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया, जिसके बाद बस कई बार पलटते हुए गहरी खाई में जा गिरी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, घायलों का इलाज
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।
घायलों को बस से निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायलों को एयरलिफ्ट कर जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। प्रशासन ने अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी है।
उधमपुर रेंज के डीआईजी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
मृतकों की पहचान और प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासन द्वारा मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है। साथ ही इलाके में ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है ताकि राहत कार्य में बाधा न आए।
नेताओं ने जताया शोक
इस हादसे पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रशासन के संपर्क में रहने की बात कही है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी घटना को अत्यंत दुखद बताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा को लेकर सवाल
उधमपुर-रामनगर मार्ग पर पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। संकरी और मोड़दार सड़कों को इस तरह की दुर्घटनाओं का कारण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद सड़क सुरक्षा में सुधार नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल, बेहतर साइन बोर्ड और सख्त वाहन जांच जरूरी है।
