नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने अपनी 75वीं वर्षगांठ पर ‘MyNRAI’ ऐप लॉन्च किया है, जो एथलीट प्रबंधन का एक संपूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम है। इसके साथ ही NRAI भारत का पहला पूर्णतः डिजिटाइज़्ड स्पोर्ट्स फेडरेशन बन गया है। इस पहल के जरिए NRAI का लक्ष्य 2028 ओलंपिक से पहले 7.5 लाख स्कूली और कॉलेज छात्रों को शूटिंग से जोड़ना है।
MyNRAI ऐप: शूटिंग के लिए डिजिटल क्रांति
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने नई दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया की उपस्थिति में अपने नए एथलीट ऐप ‘MyNRAI’ का अनावरण किया। यह ऐप एथलीटों के ऑनबोर्डिंग, रजिस्ट्रेशन, प्रदर्शन ट्रैकिंग, प्रमाणन और डेटाबेस प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए एक ‘वन-स्टॉप’ डिजिटल समाधान के रूप में काम करेगा।
7.5 लाख युवाओं तक पहुंच का लक्ष्य
NRAI इस ऐप के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को खोजने पर जोर दे रही है। फेडरेशन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य 2028 ओलंपिक से पहले देश भर के करीब 7.5 लाख स्कूली और कॉलेज छात्रों को ’10-शॉट एक्सपीरियंस’ कार्यक्रम के तहत शूटिंग से परिचित कराना है।
इस आउटरीच कार्यक्रम को सीबीएसई (CBSE), केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), विश्वविद्यालयों और विभिन्न राज्य संघों के सहयोग से लागू किया जाएगा, ताकि भविष्य के चैंपियंस को पहचाना और तैयार किया जा सके।
शूटिंग लीग ऑफ इंडिया (SLI) का आगाज
अपनी 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, NRAI ने ‘शूटिंग लीग ऑफ इंडिया’ (SLI) पर भी ध्यान केंद्रित किया है। यह एक फ्रैंचाइज़ी-आधारित प्रतियोगिता होगी जिसे शूटिंग को अधिक ‘स्पेक्टेटर-फ्रेंडली’ या दर्शकों के अनुकूल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
लीग की मुख्य विशेषताएं:
- आयोजन: इस साल के अंत में पहली बार आयोजित की जाएगी।
- इवेंट्स: पिस्टल (10M, 25M), राइफल (10M, 50M 3P) और शॉटगन (ट्रैप और स्कीट) के मिक्स टीम इवेंट।
- फ्रैंचाइज़ी संरचना: 4 से 6 शहर-आधारित टीमें होंगी।
- टीम संरचना: प्रत्येक टीम में 12 निशानेबाज होंगे, जिसमें 6 महिलाएं, 4 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी (2 महिलाएं) और कम से कम 2 अंडर-21 खिलाड़ी शामिल होंगे।
भविष्य की दिशा
NRAI के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि यह मील का पत्थर केवल अतीत को मनाने के लिए नहीं, बल्कि शूटिंग के भविष्य को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने के लिए है। कार्यक्रम में मौजूद ओलंपियन मनु भाकर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर पहुंच बढ़ाना भविष्य के चैंपियंस तैयार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
