86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मूल रैयत राजकुमार पाहन की डिस्चार्ज पिटीशन पर पीएमएलए विशेष अदालत में सुनवाई हुई। हेमंत सोरेन की याचिका पर ईडी की आंशिक बहस पूरी हो गई है और अगली सुनवाई 2 जून को होगी।
86 एकड़ जमीन घोटाला: हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई
झारखंड की राजधानी रांची में 86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जमीन के मूल रैयत राजकुमार पाहन की डिस्चार्ज पिटीशन (आरोप मुक्त करने की याचिका) पर पीएमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान हेमंत सोरेन की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से आंशिक बहस पूरी कर ली गई है।
अदालत ने अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 2 जून की तारीख तय की है। वहीं, राजकुमार पाहन की याचिका पर कोर्ट 2 मई को अगली सुनवाई करेगा।
हेमंत सोरेन की याचिका पर पूरी हुई बहस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से अदालत में बहस पहले ही पूरी की जा चुकी है। अब ईडी की बहस पूरी होने के बाद अदालत इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी। इस केस में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने हैं। इससे पहले 5 दिसंबर 2025 को हेमंत सोरेन ने खुद को निर्दोष बताते हुए अदालत में याचिका दाखिल की थी और खुद को आरोप मुक्त करने की मांग की थी।
मामले की पृष्ठभूमि और ईडी की कार्रवाई
- जांच और चार्जशीट: जांच एजेंसी ने करीब डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ जांच करते हुए चार्जशीट दाखिल की है।
- गिरफ्तारी और जमानत: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई जमीन कारोबारियों को इस केस में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। ईडी ने 31 जनवरी 2024 को पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। बाद में 28 जून 2024 को झारखंड हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी।
- वर्तमान स्थिति: फिलहाल इस पूरे मामले में ईडी की चार्जशीट के आधार पर डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
Bharat Manthan Live News के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच के दौरान कई बार छापेमारी की है और कई लोगों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था।
