रामगढ़: ईंट भट्ठों पर बाल मजदूरी का खुलासा, DC ने दिए जांच के निर्देश

रामगढ़ में ईंट भट्ठों के निरीक्षण और बाल मजदूरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार प्रशासन।

रामगढ़ जिले के ईंट भट्ठों पर नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। उपायुक्त ऋतुराज ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जांच और रेस्क्यू अभियान के निर्देश दिए हैं। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

रामगढ़ में ईंट भट्ठों पर बाल मजदूरी का खुलासा

रामगढ़ जिले में बाल मजदूरी को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जिले में विभिन्न क्षेत्रों में संचालित चिमनी ईंट भट्ठों में नाबालिग बच्चों से अवैध रूप से काम कराए जाने की शिकायतें मिली हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिले में लगभग 124 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं, जहां इस तरह की गतिविधियां जारी होने का आरोप लगाया गया है।

इन इलाकों में सामने आए मामले

जिले के कई क्षेत्रों में बच्चों से काम लिए जाने की बात सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिन इलाकों के ईंट भट्ठों में यह बात सामने आई है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • बरकाकाना
  • पीरी
  • कैथा
  • घाटो
  • परेज
  • लोइयो
  • बसंतपुर
  • हेसागढ़ा
  • मांडू
  • दुलमी

इन क्षेत्रों के कई भट्ठा संचालक नाबालिग बच्चों से मजदूरी करवा रहे हैं, जो कानूनन एक गंभीर अपराध है। केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत बच्चों को किसी भी कार्यस्थल पर काम पर लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

कानूनी प्रावधान और सजा

भारत में बाल मजदूरी को एक गंभीर अपराध माना गया है। Child Labour (Prohibition and Regulation) Act, 1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस कानून के अनुसार, दोषी पाए जाने पर 6 महीने से 2 साल तक की जेल, 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है।

डीसी के निर्देश

पूरे मामले को लेकर उपायुक्त ऋतुराज ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि प्राप्त शिकायतों की गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

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