सरकार की नई योजना: 2030 तक भारत को लाइव इवेंट्स का ग्लोबल हब बनाएगी

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अध्यक्षता में लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल की चौथी बैठक।

भारत सरकार 2030 तक भारत को लाइव इवेंट्स और संगीत कार्यक्रमों (कंसर्ट) का वैश्विक हब बनाने की योजना बना रही है। नई दिल्ली में आयोजित लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल की चौथी बैठक में इस पहल और 1.5 से 2 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने पर चर्चा की गई।

2030 तक भारत को लाइव इवेंट्स का ग्लोबल हब बनाने की तैयारी

भारत सरकार ‘कंसर्ट इकोनॉमी’ (जिसके तहत संगीत शो और लाइव कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं) को राष्ट्रीय विकास के मुख्य चालकों में से एक के रूप में स्थापित करने की योजना बना रही है। इसका मुख्य उद्देश्य 2030 तक भारत को लाइव इवेंट्स का वैश्विक हब बनाना है। इस विषय पर गुरुवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) के तहत ‘लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल’ (LEDC) की चौथी बैठक में विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक का विवरण और उद्देश्य

बैठक की अध्यक्षता सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने की। इसमें नौ केंद्रीय मंत्रालयों, छह राज्यों और 12 उद्योग के सदस्यों ने हिस्सा लिया।

LEDC का मुख्य लक्ष्य कंसर्ट इकोनॉमी को राष्ट्रीय विकास का प्रमुख हिस्सा बनाना है। इस पहल के माध्यम से इस क्षेत्र में 15 से 20 मिलियन (1.5 से 2 करोड़) अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का अनुमान है। वर्तमान में, भारत का संगठित लाइव इवेंट्स क्षेत्र मीडिया और मनोरंजन उद्योग में सबसे तेजी से बढ़ने वाला खंड बन गया है।

लाइव इवेंट्स उद्योग के लिए रोडमैप

बैठक के दौरान, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव ने भारत के लाइव इवेंट्स उद्योग के विकास के लिए एक समन्वित रोडमैप बनाने में LEDC की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र मीडिया और मनोरंजन उद्योग के सबसे तेजी से बढ़ते खंडों में से एक है, जो निम्नलिखित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देता है:

  • रोजगार का सृजन
  • पर्यटन को बढ़ावा
  • संबद्ध क्षेत्रों में आर्थिक विकास

मंत्रालय के प्रसारण संयुक्त सचिव, पृथुल कुमार ने इस सेल द्वारा की गई विभिन्न पहलों की प्रगति को सबके सामने प्रस्तुत किया।

सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम

बैठक में यह जानकारी दी गई कि ‘इंडिया सिने हब’ (ICH) पोर्टल पर लाइव इवेंट्स की अनुमति के लिए एक सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम विकसित किया गया है। विभिन्न राज्यों द्वारा इस पोर्टल को अपनाने से लाइव कार्यक्रमों के लिए अनुमति लेने की प्रक्रिया सरल होगी और समय पर, पारदर्शी व कुशल तरीके से मंजूरी सुनिश्चित हो सकेगी।

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