झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा सिविल सेवा संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम रांची में जून 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में घोषित किए जाने की संभावना है। फाइनल आंसर-की जारी होने के बाद, आयोग ने अगस्त 2026 में मुख्य परीक्षा आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे अभ्यर्थियों का इंतजार जल्द समाप्त हो जाएगा।
JPSC प्रारंभिक परीक्षा परिणाम 2026 और फाइनल आंसर-की का विवरण
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) जून 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में सिविल सेवा संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। परिणाम घोषित होने के बाद, आयोग की योजना अगस्त 2026 में मुख्य परीक्षा आयोजित करने की है। यह विकास प्रारंभिक परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण का प्रतीक है।
मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह से 19 अप्रैल को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्रों के लिए आयोग द्वारा जारी अंतिम मॉडल उत्तर कुंजी पर आधारित है। आयोग ने उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों की गहन समीक्षा पूरी करने के बाद सामान्य अध्ययन प्रथम पत्र और सामान्य अध्ययन द्वितीय पत्र के लिए निश्चित उत्तर कुंजी प्रकाशित की है।
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्रों में किए गए संशोधन
विषय विशेषज्ञों द्वारा उम्मीदवार की आपत्तियों की समीक्षा के आधार पर, सामान्य अध्ययन प्रथम पत्र में विशिष्ट संशोधन लागू किए गए थे। आयोग ने आधिकारिक तौर पर पहले पेपर से दो प्रश्नों को हटा दिया है। इसके अतिरिक्त, एक प्रश्न के दो सही विकल्प पाए गए, जिसके कारण उस विशिष्ट प्रश्न के अंक सभी उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों को आवंटित किए जाएंगे। हालांकि, सामान्य अध्ययन द्वितीय पत्र में कोई त्रुटि या संरचनात्मक विसंगतियां नहीं पाई गईं।
विशेषज्ञ समीक्षा प्रक्रिया आयोग द्वारा 20 अप्रैल से 24 अप्रैल तक प्रदान की गई प्रारंभिक आपत्ति विंडो का पालन करती है। अंतिम मॉडल उत्तर कुंजी संकलित करने से पहले निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त सभी आपत्तियों की विशेषज्ञों द्वारा गहन समीक्षा की गई थी।
चयन मानदंड और न्यूनतम अर्हता अंक (कट-ऑफ)
मुख्य परीक्षा के लिए चयन सूची में विज्ञापित रिक्तियों की कुल संख्या के 15 गुना के बराबर उम्मीदवारों को शामिल किया जाएगा। मेधा सूची दोनों मूल्यांकन पत्रों में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त कुल अंकों के आधार पर गतिशील रूप से तैयार की जाएगी। अगले चरण के लिए विचार किए जाने के लिए उम्मीदवारों को श्रेणी-विशिष्ट न्यूनतम अर्हता प्रतिशत सुरक्षित करना अनिवार्य है।
| श्रेणी | न्यूनतम अर्हता प्रतिशत |
| सामान्य वर्ग | 40% |
| पिछड़ा वर्ग (BC) | 36.5% |
| अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) | 34% |
| अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) | 32% |
भारत मंथन लाइव न्यूज (Bharat Manthan Live News) के अनुसार, सफल उम्मीदवारों की अंतिम चयन सूची मुख्य लिखित परीक्षा और उसके बाद के व्यक्तिगत साक्षात्कार दौर में प्राप्त संचयी अंकों पर पूरी तरह निर्भर करेगी।
